Parliament Monsoon Session: 'वोट चोरी' पर लड़ाई...आरोपों में कितनी सच्चाई? Chitra Tripathi | 11 Aug
कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर देश में हंगामा जारी है। इस मुद्दे पर संसद ठप है और विपक्ष ने सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया है। विपक्षी पार्टियों के सांसद चुनाव आयोग से मिलने के लिए संसद भवन से रवाना हुए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने बताया कि केवल 30 सांसदों को मिलने की अनुमति थी, जबकि मार्च में संख्या कहीं अधिक थी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस की बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़े। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया। विपक्ष चुनाव आयोग पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगा रहा है, वहीं चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से आरोपों पर हलफनामा देने या माफी मांगने को कहा है। इस बीच, कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के एन राजना को इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर राजना ने इस्तीफा दिया है। राजना ने राहुल गांधी के आरोपों पर पार्टी के भीतर सवाल उठाए थे और कहा था कि कर्नाटक में वोटर लिस्ट कांग्रेस सरकार के दौरान बनी थी। इस पूरे घटनाक्रम पर एक नेता ने कहा, "यह जो लड़ाई है, यह राजनैतिक नहीं है। यह कंस्टिट्यूशन की लड़ाई है, कंस्टिट्यूशन को बचाने की लड़ाई है। वॅन वॅन वोट की लड़ाई है, इसीलिए हमें साफ पूरे वोट चाहिए।"





































