Independence Day 2025: लाल किले से RSS का जिक्र...विपक्ष को क्यों फिक्र? Romana Ishar Khan | 15 Aug
पीएम मोदी ने कहा कि देश को RSS की 100 साल की यात्रा पर गर्व है, सेवा, समर्पण, संगठन और अद्वितीय अनुशासन से संघ ने राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमका है, RSS एक प्रकार से दुनिया का सबसे बड़ा NGO है, 100 साल से संगठन मां भारती के कल्याण के लक्ष्य को लेकर काम कर रहा है स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से जब पीएम ने संघ की तारीफ की तो विरोधी बरस पड़े, कांग्रेस का कहना है कि आज के दिन लाल किले से पीएम मोदी का RSS का नाम लेना धर्मनिरपेक्ष देश की भावना का उल्लंघन है, चर्चा करनी थी तो आजादी में RSS के योगदान की करते 1925 मे नागपुर में RSS की स्थापना हुई थी, अभी 2025 है, देश के 95 फीसद इलाकों में RSS की उपस्थिति है। 83 हजार से ज्यादा हर दिन शाखाएं लगती हैं। RSS को बीजेपी का वैचारिक संगठन माना जाता है, बीजेपी के बड़े नेता RSS से जुड़े रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी भी पहले संघ के प्रचारक रहे हैं लेकिन बीजेपी के विरोधी RSS को लेकर कई तरह के आरोप लगाते हैं, आज लाल किले से आरएसएस की तारीफ को लेकर राजनीति गर्म है, सवाल ये है पीएम ने लाल किले से RSS का जिक्र किया तो विपक्ष को फिक्र क्यों हो रही है, क्या लाल किले से RSS का सम्मान देश का अपमान है.





































