Aniruddhacharya Controversial Statement: आखिर कब बंद होगी अनिरुद्धाचार्य जुबान? Live In Relationsh
अनिरुद्धाचार्य देश-विदेश में घूमकर महिला विरोधी बयान दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ अनिरुद्धाचार्य को उनके ही पिता ने कठघरे में खड़ा कर दिया है...अनिरुद्धाचार्य के पिता राम नरेश तिवारी का एक वीडियो वायरल है...इस वीडियो में वो कह रहे हैं कि आश्रम के लोग उनका लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं...उन्होंने अपनी ज़मीन हड़पने का आरोप भी लगाया है...राम नरेश तिवारी ने वायरल वीडियो में सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है... पिछले कुछ दिनों से कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं...देश से लेकर विदेश तक वो ऐसे बयान दे रहे हैं जिसकी वजह से वो लोगों, विशेष रूप से महिलाओं के निशाने पर आ गए हैं...चाहे वो मुंह मारने वाला बयान हो या लिव इन में रहने वाली लड़कियों के लिए अभद्र बयानबाज़ी हो...इन बयानों की वजह से साधु-संत भी लगातार अनिरुद्धाचार्य की आलोचना कर रहे हैं...अब अनिरुद्धाचार्य से जुड़े विवाद में हरियाणा के मंत्री अनिल विज की भी एंट्री हो गई है...अनिल विज ने कहा है कि कथावाचक और संत में बहुत अंतर होता है...उनके मुताबिक़ कोई भी चार किताबें पढ़कर कथावाचक बन जाता है लेकिन संत वो होते हैं जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो और ईश्वर के साथ एकाकार हो गए हों...साथ ही अनिल विज ने ये भी कहा है कि लोगों को कथावाचकों की बोलीं पर ध्यान न देकर संतों की वाणी पर अमल करना चाहिए...यानी एक तरह से अनिरुद्धाचार्य की वजह से संतों को लेकर अनिल विज को सफाई देनी पड़ रही है...साथ ही अनिरुद्धाचार्य के बयानों की वजह से कथावाचक को कमतर बताना पड़ रहा है...आज महादंगल में बात अनिरुद्धाचार्य के घटिया बयानों की...क्या वो सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसे बयान देते हैं...क्या वो कथावाचक से ज़्यादा रील बनाने वाले के तौर पर ऐसे बयान देते हैं...क्या वो इन बयानों के ज़रिए भगवतकथा के पवित्र मंच को महिला विरोधी प्रपंच का मंच नहीं बना रहे...साथ ही बात अनिल विज की तरफ से संत और कथावाचक के बीच अंतर पर भी होगी...लेकिन पहले ये बयान सुन लीजिए...




































