Video: विदेशी टूरिस्ट ने उदयपुर को बताया ‘भारत का वेनिस, पूछा- इसका जिक्र क्यों होता है कम?
Viral Video: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक विदेशी टूरिस्ट भारतीय शहर उदयपुर की जमकर तारीफ करता नजर आ रहा है. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है.

Udaipur News: एक विदेशी नागरिक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने राजस्थान में स्थित उदयपुर को भारत का सबसे खूबसूरत शहर बताया है. रॉरी पोर्टर नाम के इस शख्स ने कहा कि मैं हैरान हूं कि उत्तर भारतीय शहर, जिसे पूर्व का वेनिस कहा जाता है, देश के दूसरे बड़े टूरिस्ट शहरों जितना मशहूर क्यों नहीं है.
रॉरी पोर्टर पिछले साल दो बार भारत की यात्रा कर चुके हैं. उन्होंने अपने वीडियो में कहा, "यह भारत का वेनिस है. मुझे कभी समझ नहीं आता कि लोग इस जगह के बारे में ज्यादा जिक्र क्यों नहीं करते.'' रॉरी पोर्टर ने बताया कि यह न सिर्फ जेम्स बॉन्ड की फिल्म में दिखाया गया है, बल्कि इसमें एक शानदार महल भी है, जो सचमुच एक झील के बीचोंबीच एक द्वीप पर बना है.
क्यों खास है उदयपुर?
इस शहर को अक्सर झीलों का शहर या पूर्व का वेनिस कहा जाता है. 1959 में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने इसकी बुनियाद राखी, यह कभी मेवाड़ के ऐतिहासिक राज्य की राजधानी था. पोर्टर ने यह भी बताया कि उदयपुर पर मुगलों ने कभी मुकम्मल कब्जा नहीं किया था और शासक परिवार अभी भी शहर में रहता है और कई महलों और विरासत जायदादों की देखभाल करता है.
रॉरी पोर्टर के मुताबिक, "आज यह शहर ऐश व आराम और दिलचस्प फन से भरा हुआ है. यह शहर काफी रोमांटिक लगता है,और यह दूसरे बड़े शहरों के मुकाबले में शांत और कम भागदौड़ वाला है.'' उन्होंने ने कहा कि अगर आप किसी छत से एक दृश्य को कैमरे में कैद करने में कामयाब हो जाते हैं तो यह आपके लिए एक अद्भुत अनुभव होगा."
View this post on Instagram
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
आखिरी अपडेट के अनुसार, इस वीडियो को 1.3 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और सैकड़ों लोग कमेंट कर चुके हैं. लोग सोशल मीडिया पर उदयपुर की खूबसूरती का जमकर तारीफ कर रहे हैं.
एक यूजर ने कहा, "ध्यान दीजिए कि मेटा ने भारत के बारे में अन्य नकारात्मक पोस्टों के विपरीत इस रील को प्रमोट नहीं किया," जबकि दूसरे ने कहा, "नहीं, यह जगह वेनिस से कहीं बेहतर है."
एक तीसरे व्यक्ति ने कमेंट किया, "मैं पिछले साल यहां आया था! अलग-अलग किलों को देखना, स्थानीय खाने का स्वाद लेना और कई मंदिरों में प्रार्थना करना बहुत मजेदार था."
एक चौथे व्यक्ति ने कहा, "हमारे भारतीय राजा-शासकों का धन्यवाद करना चाहिए जिन्होंने हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओ और हमारे ऐतिहासिक सांस्कृतिक व विरासत स्थलों को संभालकर महफूज रखा है."
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















