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MRI का दौर गया? एआई की मदद से फुल बॉडी स्कैन करेगा यह डिवाइस

Midjourney Scanner: भविष्य में MRI की जरूरत खत्म हो सकती है. Midjourney ने एक स्कैनर तैयार किया है, जो एआई से फुल बॉडी को स्कैन कर सकता है और इसके रिजल्ट MRI के बराबर होने का दावा किया जा रहा है.

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  • मिडजर्नी ने नया स्कैनर पेश किया, MRI जैसे परिणाम देगा।
  • यह अल्ट्रासोनिक डिवाइस पानी और सेंसर से शरीर स्कैन करेगा।
  • कोई रेडिएशन नहीं, MRI से कम समय में सुरक्षित स्कैन।
  • स्कैनर शुरुआती स्टेज में, 2028 तक 50,000 की उपलब्धता का लक्ष्य।

Midjourney Scanner: क्या अब MRI की जरूरत नहीं रहेगी और एआई की मदद से फुल बॉडी स्कैन होने लगेंगे? यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है कि क्योंकि एआई इमेज जनरेशन मॉडल के लिए पॉपुलर कंपनी Midjourney ने एक नया स्कैनर पेश किया है. Midjourney Scanner नाम से आए इस मेडिकल डिवाइस को लेकर कंपनी का दावा है कि यह कम समय में MRI के बराबर रिजल्ट दे सकता है और इसमें से किसी प्रकार की रेडिएशन भी नहीं निकलेगी. बता दें कि बीते कुछ समय से टेक कंपनियों का एआई हार्डवेयर पर फोकस बढ़ा है.

कैसे काम करेगा Midjourney Scanner?

Midjourney के सीईओ David Holz ने इस प्रोजेक्ट को वीयर्ड और क्रेजी, लेकिन शानदार और उम्मीदों से भरा बताया है. कंपनी का स्कैनर एक अल्ट्रासॉनिक डिवाइस है, जो सेंसर की मदद से पूरी बॉडी को स्कैन कर सकता है और इसके लिए एक मिनट तक पानी में खड़े रहने की जरूरत होगी. कंपनी का कहना है कि इस डिवाइस में लगे सेंसर अलग-अलग एंगल से शरीर में अल्ट्रासॉनिक वेव्ज भेजते हैं. फिर इसकी मदद से शरीर के अंदर की वर्टिकल स्लाइसेस को कैप्चर कर मसल्स, फैट, बोन्स और ऑर्गन के लिए एक 3D मैप तैयार किया जाता है. स्कैनिंग के दौरान पूरे शरीर के अंदर की सारी जरूरी जानकारी जुटाई जा सकती है. कंपनी के सीईओ का दावा है कि यह स्कैनर कई मामलों में MRI के बराबर इमेज क्वालिटी दे सकता है.

रेडिएशन का भी खतरा नहीं

यह स्कैनर साउंड वेव्ज और पानी का यूज करता है इसलिए इसमें से कोई रेडिएशन या मैग्नेटिक फील्ड जनरेट नहीं होता. इस लिहाज से यह MRI की तुलना में सुरक्षित माना जा रहा है. वहीं MRI में 30-90 मिनट का समय लगता है. यह स्कैनर इसी काम को सिर्फ एक मिनट में पूरा कर सकता है. कंपनी का कहना है कि वह फुल बॉडी स्कैनिंग को स्पा की तरह बनाना चाहती है.

कब तक अवेलेबल होगा Midjourney Scanner?

अभी यह स्कैनर शुरुआती स्टेज में है और इसे क्लिनिकली वेरिफाई भी नहीं किया गया है. कंपनी का कहना है कि डायग्नोस्टिक मेडिकल यूज के लिए इसे यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की परमिशन चाहिए होगी, लेकिन यह बॉडी कंपोजिशन मैप्स के साथ इसकी शुरुआत करेगी, जिसके लिए परमिशन जल्दी मिल सकती है. कंपनी अगले साल सैन फ्रांसिस्को में एक Midjourney Spa ओपन करेगी, जहां इस स्कैनर को डिप्लॉय किया जाएगा. हर स्पा में ऐसे 10 स्कैनर रखे जाएंगे. 2028 तक कंपनी ऐसे स्पा की संख्या बढ़ाएगी और अगले छह सालों में 50,000 स्कैनर अवेलबल करवाने के टारगेट के साथ आगे बढ़ रही है.

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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