एक्सप्लोरर

अब बम डिफ्यूज करेंगे ये रोबोट, धमाका होने के चांस नहीं, यहां किए जा रहे तैनात

बाकी कामों की तरह अब रोबोट बम डिफ्यूज भी करेंगे. ब्रिटिश आर्मी और रॉयल नेवी की टीमें इन दिनों UK में ऐसे रोबोट तैनात कर रही हैं, जो बम डिफ्यूज कर सकते हैं.

अब बाकी कामों के साथ-साथ रोबोट बम भी डिफ्यूज करेंगे. दरअसल, ब्रिटिश आर्मी और रॉयल नेवी की टीमें यूनाइटेड किंगडम, साइप्रस और जिब्राल्टर में ऐसे रोबोट तैनात कर रही है, जो बम डिफ्यूज कर सकते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में रोबोट का ऑपरेटर और आसपास के लोग पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. इन्हें L3Harris T4 मल्टी-मिशन बॉम्ब डिस्पोजल रोबोट्स कहा जा रहा है. बताया जा रहा है कि बम डिफ्यूज करने के काम में ये दुनिया के सबसे सक्षम रोबोट हैं. 

50 रोबोट होंगे तैनात

करीब 43 मिलियन डॉलर की लागत वाले इस प्रोग्राम के तहत कुल 50 रोबोट तैनात किए जाएंगे. ये मीडियम अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स (UGVs) एडवांस्ड कंट्रोल, हाई-डेफिनेशन कैमरा औरह हैप्टिक फीडबैक सिस्टम से लैस है. हेप्टिक फीडबैक सिस्टम के कारण ऑपरेटर एक तरीके से उन चीजों को फील कर सकेगा, जो रोबोट की आर्म्स के संपर्क में आएगी. इस वजह से इन्हें कंट्रोल और ऑपरेट करना आसान हो जाता है.

सीढ़ियां चढ़ने में भी सक्षम 

ये T4s रोबोट सर्विस में पहले से तैनात T7 की तुलना में काफी छोटे हैं. नए रोबोट का वजन करीब 100 किलो है और इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये तंग इलाकों में भी काम कर और सीढ़ियां चढ़ सकते हैं. साइज में छोटे होने के कारण इन्हें एक से दूसरी जगह ले जाना आसान है. नए रोबोट की अन्य खूबियों की बात करें तो ये सात घंटे तक लगातार काम कर सकते हैं. इनकी स्पीड 8 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा है. इनके प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेस का कोई असर नहीं होता और ये माइनस 20 डिग्री से लेकर 60 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान आसानी से झेल लेते हैं. अधिकारियों का कहना है कि नए रोबोट में T7 वाली सारी खूबियां हैं और ये छोटी जगहों पर भी काम कर खतरों को टाल सकते हैं.

ये भी पढ़ें-

भूत जैसा दिखने वाला यह रोबोट 'पीता' है पानी, इंसानों की तरह कर सकता है कई काम

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ये होगा OpenAI का पहला डिवाइस! बिना स्क्रीन के भी हो जाएंगे सारे काम
ये होगा OpenAI का पहला डिवाइस! बिना स्क्रीन के भी हो जाएंगे सारे काम
Steam Iron Power Consumption: Steam Iron खरीदने जा रहे हैं? नॉर्मल से कितनी ज्यादा बिजली खपत?
Steam Iron खरीदने जा रहे हैं? नॉर्मल से कितनी ज्यादा बिजली खपत?
बिना धूप के कैसे बिजली बनाते हैं सोलर पैनल? यहां जानें टेक्नोलॉजी
बिना धूप के कैसे बिजली बनाते हैं सोलर पैनल? यहां जानें टेक्नोलॉजी
सॉफ्टवेयर अपडेट करना न पड़ जाए भारी, कंप्यूटर हो सकता है हैक
सॉफ्टवेयर अपडेट करना न पड़ जाए भारी, कंप्यूटर हो सकता है हैक

वीडियोज

Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Bigg Boss 20 का बड़ा Twist! Salman Khan के ‘Karan Arjun’ Hint से खुला Two Lives का राज
Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
वेस्टइंडीज से दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा दो साल का बैन, जानें वजह
वेस्टइंडीज से दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा दो साल का बैन, जानें वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
MP ESB Recruitment 2026: 5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
Embed widget