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सिर्फ लॉकडाउन करने से खत्म नहीं होगा कोरोना वायरस: WHO
WHO का मानना है कि सिर्फ लॉकडाउन से कोरोना को खत्म नहीं किया जा सकता।

दुनिया इस समय कोरोना वायरस की दहशत में है। भारत भी कोरोना वायरस से अछूता नहीं है। भारत में अब तक कोरोना के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं, वहीं, कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। अभी तक लाखों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस वायरस ने हजारों लोगों की जान भी ले ली हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसे महामारी तक घोषित कर चुका है। तो वहीं, कई देशों में लॉकडाउन का एलान किया जा चुका है। देश में कई हिस्सों में भी लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है। हालांकि WHO का मानना है कि सिर्फ लॉकडाउन से कोरोना को खत्म नहीं किया जा सकता। WHO के आपातकाल विशेषज्ञ माइक रायन का मानना है कि बाद में फिर से इस वायरस के प्रभाव में आने से बचने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की जरूरत होगी। माइक रायन ने कहा, 'हमें अभी इस बात पर फोकस करने की जरूरत है कि जो बीमार हैं, जो इस वायरस से ग्रसित हैं, उन्हें आइसोलेट किया जाना चाहिए। वो लोग किनके संपर्क में आए थे, उनका पता लगाना चाहिए और उन्हें भी आइसोलेट करना चाहिए। अगर हम सख्त तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को नहीं अपनाते हैं, तो लॉकडाउन के साथ भी खतरा बरकरार है। जब लॉकडाउन या अन्य पाबंदियां हटेंगी तो यह बीमारी फिर से लोगों को अपना शिकार बनाएगी।' माइक रायन ने चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों ने सख्ती के साथ बचाव उपाय किए और हर संदिग्ध की जांच की। उन्होंने आगे कहा कि कई देशों में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने की कवायद जारी है। अभी तक सिर्फ अमेरिका ने इसका परीक्षण किया है। ब्रिटेन में भी इस पर काम चल रहा है।
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Source: IOCL























