Dehradun News: सेमेस्टर परीक्षा पेपर लीक में असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार, WhatsApp चैट बनी सबूत
Dehradun News In Hindi: विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में साझा किए गए प्रश्नों और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच काफी समानता पाए जाने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करई.

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक किए जाने के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रेमनगर कोतवाली पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा में तैनात सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से व्हाट्सएप ग्रुप और कॉलेज के आंतरिक पोर्टल पर परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे.
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में साझा किए गए प्रश्नों और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच काफी समानता पाए जाने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस को तेजी से साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.
ईमेल मिलने के बाद शुरू हुई थी जांच
उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल ने 23 जुलाई को प्रेमनगर कोतवाली में लिखित तहरीर दी. शिकायत में बताया गया कि विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान 8 जुलाई को एक ईमेल प्राप्त हुआ था. ईमेल में आरोप लगाया गया था कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में नियुक्त एक सहायक प्रोफेसर ने 3 जुलाई को परीक्षा आयोजित होने से पहले व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे.
परीक्षा संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्हाट्सएप पर भेजे गए सवालों का वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलान कराया। पुलिस के अनुसार, दोनों में काफी समानता पाई गई. इसके बाद विश्वविद्यालय ने प्रकरण की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की.
आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर भेजे गए थे सवाल
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई कि सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर परीक्षा से मिलते-जुलते प्रश्न साझा किए थे.विश्वविद्यालय का आरोप है कि सहायक प्रोफेसर ने कुछ छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग की. जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस को शिकायत दी.
बीएनएस की तीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
परीक्षा नियंत्रक की तहरीर के आधार पर प्रेमनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 144/2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316, 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने प्रकरण से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज करने के साथ विश्वविद्यालय और संबंधित संस्थान से दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए. पुलिस का कहना है कि प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपी आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया.
आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्न आरोपी तक कैसे पहुंचे और उसने किन-किन छात्रों या अन्य लोगों को ये प्रश्न भेजे थे. पुलिस व्हाट्सएप चैट, ग्रुप मेंबर, आंतरिक पोर्टल के रिकॉर्ड और संबंधित डिजिटल उपकरणों का परीक्षण कर रही है. जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दो परीक्षाएं रद्द कर चुका है विश्वविद्यालय
इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि के बाद बीटेक की दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं. जांच में ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय के सवाल परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचने की बात सामने आई थी. वहीं ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषय के प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर भी संदेह होने के कारण विश्वविद्यालय ने एहतियातन इसकी परीक्षा भी रद्द कर दी.
विश्वविद्यालय ने आरोपी सहायक प्रोफेसर को अगले सात वर्षों तक किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य में शामिल करने पर प्रतिबंध भी लगाया है. संबंधित शिक्षण संस्थान के खिलाफ अलग से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.
अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा होंगी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार रद्द की गई दोनों परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा कराई जाएंगी. संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. इन परीक्षाओं में प्रदेश के 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र शामिल होंगे. इनमें बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज भीमताल, तुलाज इंस्टीट्यूट देहरादून, बीटीकेआईटी द्वाराहाट, रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और टीएचडीसी इंस्टीट्यूट टिहरी समेत अन्य संस्थान शामिल हैं.
करीब 12 छात्रों तक प्रश्न पहुंचने की बात
प्रारंभिक जांच में प्रश्न करीब 12 छात्र-छात्राओं तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. विश्वविद्यालय का कहना है कि यदि प्रश्नपत्र या उससे मिलते-जुलते सवाल परीक्षा से पहले किसी भी छात्र तक पहुंचते हैं तो परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित होती है. इसी वजह से सभी विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया.
छात्रों ने उठाए परीक्षा प्रणाली पर सवाल
पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए. छात्रों का कहना है कि मेहनत से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को इस तरह की घटनाओं के कारण दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है. छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं मानी जानी चाहिए. यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि प्रश्नपत्र या महत्वपूर्ण सवाल सहायक प्रोफेसर तक कैसे पहुंचे.
सहारनपुर का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार गुप्ता की उम्र 40 वर्ष है. वह शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था. आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शाकुंभरी विहार क्षेत्र का रहने वाला है.
यह भी पढ़ें: महिला सशक्तीकरण से AI तक, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बताया कैसा होगा भविष्य का उत्तराखंड
























