जंतर-मंतर पर वर्दी में पहुंचे 'कांस्टेबल' का दावा निकला झूठा? उत्तराखंड पुलिस ने बताई पूरी सच्चाई
Dehradun News In Hindi: उत्तराखंड पुलिस ने वायरल वीडियो में किए गए दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति कांस्टेबल शेर सिंह है, जो वर्तमान में निलंबित है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का मंच पर पहुंचना विवाद का कारण बन गया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यह व्यक्ति खुद को उत्तराखंड पुलिस में वीआईपी ड्यूटी पर तैनात बताते हुए छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से आहत होकर नौकरी से इस्तीफा देने का दावा करता नजर आ रहा है.
हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने वायरल वीडियो में किए गए दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति कांस्टेबल शेर सिंह है, जो वर्तमान में निलंबित चल रहा है. पुलिस के अनुसार वह इस समय सक्रिय ड्यूटी पर नहीं है और उसके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक आरोपों की जांच हो चुकी है.
आईजी ने बताया- निलंबित है कांस्टेबल
उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा शेर सिंह फिलहाल निलंबित है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके वीडियो में किए गए दावों और वर्दी पहनकर सार्वजनिक मंच साझा करने के पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि निलंबन के दौरान सरकारी वर्दी का दुरुपयोग किया गया है या लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.
पहले भी गंभीर मामले में हो चुकी है गिरफ्तारी
शेर सिंह का नाम पहले भी चर्चित भूमि फर्जीवाड़ा मामले में सामने आ चुका है. उत्तराखंड एसटीएफ ने उसे कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग और मनीष बॉलर गिरोह से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था. एसटीएफ की जांच में दावा किया गया था कि गिरोह के सदस्यों के साथ उसके संपर्क, कॉल रिकॉर्ड और करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जा कराने के लिए पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने जैसे तथ्य सामने आए थे. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेजा गया.
उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में रह चुकी है तैनाती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शेर सिंह की तैनाती उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में भी रह चुकी है. वर्तमान में वह निलंबित है. इसके बावजूद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी पहनकर मंच पर पहुंचने और खुद को सक्रिय ड्यूटी पर तैनात बताने के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है.
वीडियो में क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शेर सिंह छात्रों पर हुई कथित लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए भावुक नजर आता है और दावा करता है कि वह इस घटना से आहत होकर पुलिस सेवा छोड़ रहा है. हालांकि उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि वह पहले से निलंबित है और वीडियो में किए गए उसके दावों की सत्यता की जांच की जा रही है.
वर्दी के इस्तेमाल पर भी होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि निलंबन के दौरान सरकारी वर्दी का उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया. यदि यह पाया जाता है कि वर्दी पहनकर सार्वजनिक मंच से भ्रामक जानकारी दी गई या सेवा संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित नियमों के तहत अतिरिक्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.फिलहाल उत्तराखंड पुलिस वायरल वीडियो, उसमें किए गए दावों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
























