उत्तराखंड पंचायत चुनाव पर संकट? हाई कोर्ट ने फिर मांगी रिपोर्ट, 18 जुलाई को अगली सुनवाई
Nainital News:डीजीपी ने न्यायालय को बताया कि 30% पुलिस बल कांवड़ यात्रा,10% चारधाम यात्रा और आपदा प्रबंधन,10% नियमित ड्यूटी में तैनात है. शेष 50%बल जिलों में पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटा है.

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बारिश के दौरान 12 जनपदों में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष डीजीपी और पंचायती राज सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान डीजीपी ने बताया कि पंचायत चुनाव का पहला चरण 24 जुलाई को प्रस्तावित है, जबकि कांवड़ यात्रा 23 जुलाई को समाप्त हो जाएगी.
डीजीपी ने न्यायालय को बताया कि 30% पुलिस बल कांवड़ यात्रा, 10% चारधाम यात्रा और आपदा प्रबंधन, और 10% नियमित ड्यूटी में तैनात है. शेष 50% पुलिस बल सभी जिलों में पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटा है. कांवड़ यात्रा समाप्त होते ही पुलिस बल को चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात कर दिया जाएगा, ताकि 28 जुलाई को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में कोई बाधा न आए. कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, दुकानों में तोड़फोड़, और महिलाओं पर हमले जैसे मामलों पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है, जिसमें एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां की जा रही हैं.
पंचायती राज सचिव का पक्ष
वहीं पंचायती राज सचिव ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया कि कांवड़ यात्रा का प्रभाव केवल पौड़ी गढ़वाल, यमकेश्वर, देहरादून, और ऋषिकेश ब्लॉकों तक सीमित है, जहां दूसरा चरण 28 जुलाई को होगा. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा से चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा. चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब में यात्रियों की संख्या केवल 10% है, और आपदा प्रबंधन के लिए मॉक ड्रिल पहले ही आयोजित हो चुकी है. इससे चुनाव प्रक्रिया में कोई व्यवधान नहीं होगा.
याचिका का आधार
देहरादून निवासी डॉ. बैजनाथ ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि बरसात, कांवड़ यात्रा, चारधाम यात्रा, और बाढ़ राहत कार्यों के कारण प्रशासन, पुलिस, और एसडीआरएफ व्यस्त हैं. ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव कराना जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने मांग की कि चुनाव अगस्त के बाद कराए जाएं. कोर्ट ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए डीजीपी और पंचायती राज सचिव को तलब किया था.
कोर्ट का फैसला
सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 18 जुलाई को सूचीबद्ध किया है. कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से वास्तविक स्थिति पर और जानकारी मांगी है ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके.
पंचायत चुनाव की स्थिति
उत्तराखंड में 12 जनपदों (हरिद्वार को छोड़कर) में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दो चरणों में 24 और 28 जुलाई को प्रस्तावित हैं. हालांकि, कोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण चुनाव प्रक्रिया पर अनिश्चितता बनी हुई है. इससे पहले, आरक्षण रोटेशन नियमों को लेकर भी हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया था.
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