2027 विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत का कांग्रेस को संदेश, ‘एकजुट होकर लड़ना होगा चुनाव’
Uttarakhand News: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की जरूरत पर एक बार फिर जोर दिया है.

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की जरूरत पर एक बार फिर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं और कांग्रेस को मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा, वरना बिहार जैसी स्थिति बनने में देर नहीं लगेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टेलीफॉनिक बातचीत में कहा कि बिहार में गठबंधन दलों के कुछ नेताओं ने जनता के बीच न जाकर गलती की, जिसका परिणाम पार्टी को भुगतना पड़ा. उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि यहां ऐसी परिस्थिति न बने, इसके लिए सभी नेताओं को एकजुट होकर सक्रियता दिखानी होगी.
हरीश रावत ने संगठन को किया आगाह
हरीश रावत ने प्रदेश संगठन को आगाह किया कि राजनीति में सक्रिय कुछ तत्व पार्टी के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड में ब्लैकमेलर और धोखेबाज अभी भी सक्रिय हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है.” रावत के अनुसार, पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करने और एक दिशा में आगे बढ़ने से ही 2027 में सत्ता परिवर्तन संभव हो पाएगा.
उन्होंने कहा कि उनका मकसद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना है और इसके लिए वह पार्टी द्वारा सौंपी जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी को निभाने को तैयार हैं. उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने पहले ही केंद्रीय नेतृत्व को यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि चुनावी जिम्मेदारी मिलती है, तो वे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे.
संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
हरीश रावत ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने चुनाव न लड़ने की घोषणा इसलिए नहीं की थी, क्योंकि इससे उनके समर्थकों के बीच गलत संदेश जा सकता था. लेकिन इस बार वे स्पष्ट करते हैं कि चुनाव लड़ना या न लड़ना पार्टी के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि संगठन को मजबूत करना. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में वे सक्रिय भूमिका में रहेंगे और जिस भी उम्मीदवार द्वारा उन्हें प्रचार हेतु बुलाया जाएगा, वहां जाकर वे जनता से समर्थन मांगेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पुराने साथियों और पार्टी नेताओं से भी अपील की है कि आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन को मजबूत किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में उतरे तो 2027 में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता को चुनौती दी जा सकती है.
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