गणेश गोदियाल बने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष, प्रीतम सिंह और हरक सिंह को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी
Uttarakhand Congress News: कांग्रेस ने राज्य में अपने नए अध्यक्ष का ऐलान कर दिया है. आलाकमान ने गणेश गोदियाल को नया अध्यक्ष बनाया है. साथ ही प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत को जिम्मेदारी दी गई है.

उत्तराखंड कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व बदलाव पर आखिरकार आलाकमान ने फैसला सुना दिया है. पार्टी हाईकमान ने गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को प्रचार समिति की कमान सौंपी गई है.
साथ ही वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. कांग्रेस की ओर से संतुलन और संदेश दोनों साधने वाली चाल चली गई है. इन तीनों नियुक्तियों के साथ कांग्रेस ने संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक संदेश, दोनों साधने की रणनीति अपनाई है.
आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का कदम
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है. उत्तराखंड में कांग्रेस इस समय अपनी संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के प्रयास में जुटी है. गणेश गोदियाल को संगठन का सुलझा और स्वीकार्य चेहरा माना जाता है, जो गढ़वाल क्षेत्र से आते हैं और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं.
दूसरी ओर प्रीतम सिंह संगठन और जनसंपर्क में लंबा अनुभव रखने वाले नेता हैं, जिनकी पकड़ खासकर ग्रामीण इलाकों में मजबूत है,हरक सिंह रावत, जिन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, राज्य की चुनावी राजनीति की बारीकियों को बखूबी समझते हैं.
राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं गणेश गोदियाल
गणेश गोदियाल राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र से पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं. उनकी नई जिम्मेदारी को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन और जनता के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
गणेश गोदियाल को पार्टी के जनसंपर्क अभियानों और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे 2027 के चुनाव में कांग्रेस अपनी स्थिति को और मजबूत कर सके.
गणेश गोदियाल ने कांग्रेस नेतृत्व का जताया आभार
नियुक्ति के बाद गणेश गोदियाल ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य के हर वर्ग विशेषकर युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और महिलाओं की आवाज को मजबूती से उठाएंगे, उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य उत्तराखंड में न्याय, समानता और पारदर्शी शासन की स्थापना है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गोदियाल की नियुक्ति से राज्य कांग्रेस में नई ऊर्जा का संचार होगा और संगठन चुनावी मोड में अधिक सक्रिय दिखाई देगा. कांग्रेस ने गणेश गोदियाल के साथ ही प्रदेश में 27 जिला अध्यक्षों की भी नियुक्ति की है. कांग्रेस 2027 विधान सभा चुनाव में मजबूती से उतरना चाहती है इसके लिए संगठन का विस्तार किया जा रहा है.
पार्टी ने संतुलन और संदेश दोनों साधने वाली चली चाल
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने इस बार एक तीर से तीन निशाने साधने की रणनीति अपनाई है. एक ओर पार्टी ने नेतृत्व में पीढ़ीगत संतुलन बनाए रखा है तो दूसरी ओर गढ़वाल, कुमाऊं और मैदान के समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है. संगठन के भीतर लंबे समय से उठ रही गुटबाजी की चर्चाओं को इस फैसले से संतुलित संदेश देने की कोशिश की गई है.
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने इन नियुक्तियों के आदेश जारी किए. साथ ही, पूर्व अध्यक्ष करण माहरा को पार्टी कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाकर सम्मानजनक भूमिका दी गई है.
राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की एक सोची-समझी चाल बताया जा रहा है. एक ओर जहां पार्टी ने संतुलन का संदेश दिया है. आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को जमीन से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम भी बढ़ाया है. इस रणनीतिक फेरबदल के साथ कांग्रेस अब उत्तराखंड में नई ऊर्जा के साथ राजनीतिक मैदान में उतरने की तैयारी में है.
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Source: IOCL
























