'जनता खड़ी है और आप कौन-सा SIR कर रहे हो', समाधान दिवस में SDM की गैरमौजूदगी पर भड़के कमिश्नर
UP News: इस घटना का 12 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग कमिश्नर के कड़े तेवर की तारीफ कर रहे हैं और इसे ब्यूरोक्रेसी में जिम्मेदारी की वापसी बता रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ तहसील में आयोजित समाधान दिवस उस समय सुर्खियों में आ गया, जब अचानक पहुंचे चित्रकूट धाम मंडल के कमिश्नर अजीत कुमार ने अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर कड़ा रुख अपनाया.
समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को एक ही स्थान पर सुना-समझा कर उनका निस्तारण करना होता है, लेकिन शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों की उदासीनता स्पष्ट दिखी.
तहसील में कमिश्नर के पहुंचते ही अधिकारियों में मचा हड़कंप
कमिश्नर के पहुंचते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में लोग शिकायत पत्र हाथ में लेकर खड़े हैं, लेकिन एसडीएम और कई जिम्मेदार अधिकारी मौके से गायब हैं. जनता की भीड़ और समस्याओं का ढेर देखकर कमिश्नर का गुस्सा फूट पड़ा.
जनता खड़ी है और आप कौन-सा SIR कर रहे हो- कमिश्नर
जानकारी के अनुसार, जैसे ही एसडीएम सामने आए और अपनी गैरमौजूदगी का कारण बताते हुए SIR फॉर्म के काम का हवाला देने लगे, कमिश्नर भड़क उठे. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कमिश्नर और डीआईजी यहां बैठे हैं, जनता खड़ी है और आप पता नहीं कहां घूम रहे थे. कौन-सा SIR कर रहे हो आप.
कमिश्नर की यह फटकार सुनकर एसडीएम डॉ.प्रदीप कुमार सन्न रह गए और वहां मौजूद लोगों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को इस तरह अधीनस्थों को जवाबदेही सिखाते देखा. बताया जाता है कि कमिश्नर की दृष्टि कमजोर है, लेकिन जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी मौके पर साफ दिखाई दी.
वीडियो वायरल के बाद प्रशासन में चर्चा तेज
घटना का 12 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग कमिश्नर के कड़े तेवर की तारीफ कर रहे हैं और इसे ‘ब्यूरोक्रेसी में जिम्मेदारी की वापसी’ बता रहे हैं. कई यूजर्स ने कहा कि लंबे समय बाद किसी प्रशासनिक अधिकारी ने खुले मंच से अपनी टीम को जनता की सेवा का असली मतलब समझाया है.
नदारद अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
कमिश्नर अजीत कुमार ने मौके पर ही एसडीएम सहित सभी अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाधान दिवस जनता के लिए है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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