UP में कौशल विकास केंद्र बंद, ट्रेनिंग पार्टनर्स की 10 मांगों पर हड़ताल
कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों के ट्रेनिंग पार्टनर्स ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक काम बंद रहेगा.

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों के ट्रेनिंग पार्टनर्स (TPs) ने भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार (24 अगस्त) से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश कौशल प्रशिक्षण प्रदाता एसोसिएशन ने कहा है कि मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदेशभर के प्रशिक्षण केंद्रों पर काम बंद रहेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुरूप स्किल इंडिया के तहत हर साल लाखों की संख्या में युवाओं को ट्रेन कर उनका रोजगार देना था. उत्तर प्रदेश में लगभग 2000 के करीब में प्रदाता कंपनियों के अनुसार उन्होंने लाखों की संख्या में बच्चों को ट्रेन तो कर दिया है, लेकिन कुछ कमियों के कारण बच्चों के टेस्ट नहीं हो पाए जिस कारण उनका सर्टिफिकेट नहीं मिला है और अब वह बच्चे बिना रोजगार के टहल रहे हैं. संगठन का आरोप है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को लंबे समय से भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
ट्रेनिंग पार्टनर्स की प्रमुख मांगों में है ये सब शामिल
ट्रेनिंग पार्टनर्स की प्रमुख मांगों में 5 सितंबर तक सभी सत्यापित और ADVANCE SSDC बैचों का भुगतान, 30 सितंबर तक बैचों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करना और 600 घंटे या उससे कम अवधि वाले बैचों में 25 फीसदी एडवांस भुगतान की व्यवस्था लागू करना शामिल है. एसोसिएशन ने DEBAR किए गए सभी ट्रेनिंग पार्टनर्स को 25 अगस्त तक बहाल करने, अटेंडेंस में फ्लेक्सिबिलिटी देने और फेस व रेटिना अटेंडेंस को अनुमति देने की भी मांग की है.
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ट्रेनिंग पार्टनर्स ने भुगतान से जुड़ी समस्या दूर करने कि की मांग
इसके अलावा 70 फीसदी उपस्थिति से पहले बैच एक्सटेंशन की व्यवस्था, न्यूनतम 50 फीसदी उपस्थिति वाले 10 अभ्यर्थियों पर भी बैचों को 40 फीसदी तक एक्सटेंशन देने, DD की जगह BG प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरी करने और स्टार्टअप से जमा कराए गए अतिरिक्त धन करीब 8 लाख रुपये वापस करने की मांग रखी गई है.
ट्रेनिंग पार्टनर्स ने भुगतान से जुड़ी तकनीकी समस्या दूर करने और रोल बैक बैच पोर्टल पर प्रदर्शित बैचों का भुगतान जल्द शुरू करने की मांग भी की है. एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन 10 सूत्रीय मांगों पर समयबद्ध लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक प्रदेशभर के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों पर कार्य बहिष्कार जारी रहेगा.
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