सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद क्या होगी आजम खान की सियासी रणनीति? करीबी सांसद ने किया बड़ा खुलासा
Azam Khan सीतापुर जेल से 23 सितंबर 2025 को बाहर आ सकते हैं. बाहर आने के बाद आजम खान सियासी तौर पर किस तरह से एक्टिव होंगे, अब यह सवाल चर्चाओं के केंद्र में है.

उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान, 23 महीने बाद 23 सितंबर 2025, मंगलवार को सीतापुर जेल से बाहर आ सकते हैं. उनके जेल से छूटने के बाद यह सवाल चर्चाओं के केंद्र में है कि उनकी आगे की रणनीति क्या होगी?
आजम खान की करीबी माने जाने वाली सपा नेता और मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा ने इस संदर्भ में सांकेतिक उत्तर दिए हैं. वीरा ने कहा कि उनके आने पर 2027 के चुनाव में एक बड़ा असर पड़ेगा. उनके आवाज को लोग सुनते हैं. आजम खान के बहुजन समाज पार्टी में जाने की खबरों के अटकलें पर रुचि वीरा ने कहा कि तमाम चीज मैंने मीडिया में ही सुनी है इस तरीके की बातें कहीं सत्य नहीं है. बाकी जो भी सच्चाई होगी वह आजम खान खुद बताएंगे.
बड़ी मुश्किल से पहुंचे सीतापुर- रुचि वीरा
बता दें मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा सीतापुर पहुंच गई हैं. उन्होंने कहा कि 23 महीने बाद आजम खान निकल रहे हैं हम सब उनको मिलना चाहते हैं. लोगों के दुआओं का असर है कि आज वह बाहर आ रहे हैं. इस सरकार के जुल्म ज्यादती के कारण वह अंदर रहे ,अब बाहर निकल रहे हैं. रुचि वीरा ने दावा किया कि तमाम नेताओं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जगह पर रोका जा रहा है, हम किस तरीके से यहां तक पहुंच पाए यह हम ही जानते हैं.
आजम खान की रिहाई इन दो वजहों से अटकी, अब कल जेल से आएंगे बाहर?
गौरतलब है कि आजम खान को 72 मामलों में जमानत मिल चुकी है, जिसमें हाल ही में क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस भी शामिल है. वे अक्टूबर 2023 से सीतापुर जेल में बंद थे. आजम खान की रिहाई से पहले सीतापुर जेल और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि रिहाई के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो. समर्थकों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए जेल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
























