UP कांग्रेस में बदलाव की आहट, अजय राय को इन वजहों से हटाना चाहता है आलाकमान
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राज्य इकाई में बड़े बदलाव के आसार हैं. सवाल है कि आखिर कांग्रेस अजय राय को हटाना क्यों चाहती है? इसका जवाब जानें यहां

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ा फेरबदल हो सकता है. पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच मतभेद की शिकायत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है. सूत्रों के मुताबिक मामला अब प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की संभावनाओं तक पहुंच गया है. हालांकि केंद्रीय नेतृत्व ने आखिर में मामला होल्ड कर दिया है.
सूत्रों की माने तो करीब 10 दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी. बैठक में उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित यूपी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष बदलने पर चर्चा हुई. कई नेता प्रदेश अध्यक्ष बदलने के पक्ष में थे जबकि कुछ नेताओं ने इस पर असहमति दर्ज की थी.
मोना मिश्रा के नाम पर बनी थी सहमति
दिल्ली में हुई बैठक में आराधना मिश्रा 'मोना' के नाम पर चर्चा हुई थी. सूत्रों की माने तो उनके नाम पर सहमति लगभग बन गई थी. हालांकि बाद में केंद्रीय नेतृत्व ने अपना फैसला बदल दिया. नेतृत्व ने कहा चुनाव की तैयारियों में संगठन काम करे. प्रदेश से जुड़े लोगों ने केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी देते हुए बताया कि 'दूसरी पार्टी से आए नेता कांग्रेस और यूपी को समझ नहीं पा रहे है'.
यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की संभावनाओं पर लगातार चर्चा चल रही है. इसी बीच कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही गई थी. हालांकि इस बयान के कुछ दिनों के बाद उनका बयान बदल गया. वही, सितंबर में एक प्रदेश स्तरीय बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे. उस समय प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष चुनावी तैयारियों में व्यस्त हैं, जबकि अजय राय ने बैठक की जानकारी होने से इनकार किया था.
कार्यकर्ताओं की नाराजगी की भी चर्चा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली नेतृत्व तक अपनी शिकायतें पहुंचाई हैं. इनमें संगठन के कामकाज, नेतृत्व के बीच समन्वय और यूपी की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर असंतोष की बात कही गई है.






















