'इस वजह से शादी नहीं हो रही', संपूर्ण समाधान दिवस पर युवक ने रख दी ऐसी मांग, सब रह गए हैरान
UP News: अमेठी के संपूर्ण समाधान दिवस में 31 वर्षीय शान मोहम्मद ने घर की मांग की. बोला- भूमिहीन हूं, घर नहीं है इसलिए दो बार शादी टूटी. DM ने जांच के आदेश दिए.

अमेठी के संपूर्ण समाधान दिवस में एक युवक ने ऐसी फरियाद की, जिसने सभी को चौंका दिया. 31 वर्षीय शान मोहम्मद ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके पास न तो खेती योग्य जमीन है और न ही रहने के लिए कोई मकान, जिसके चलते उसकी शादी नहीं हो पा रही है.
बीते शनिवार को राजपत्रित अवकाश होने के कारण सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया. इसी क्रम में चक्रानुक्रम के तहत तहसील अमेठी में जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ. इस दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और फरियादियों सभी को चौंका दिया. संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे एक युवक ने प्रशासन के सामने अपनी ऐसी समस्या रखी, जो आम तौर पर सरकारी दफ्तरों में सुनने को नहीं मिलती.
अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र के गंगागंज मोहल्ला, वार्ड नंबर 10 निवासी शान मोहम्मद पुत्र मोहम्मद मोबीन ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी उम्र लगभग 31 वर्ष हो चुकी है, लेकिन वह आज भी अविवाहित है. कारण सिर्फ एक है—उसके पास रहने के लिए कोई स्थायी आश्रय नहीं है.
तहसील परिसर में रात्रि निवास करने की मजबूरी
शान मोहम्मद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वह भूमिहीन है और मजबूरी में कई बार तहसील परिसर में रात्रि निवास करता है. उसने बताया कि उसका विवाह दो बार तय हुआ, लेकिन जब लड़की पक्ष को उसकी आवासीय स्थिति की जानकारी हुई, तो दोनों बार रिश्ता टूट गया.
विवाह के लिए स्थायी आश्रय की मांग
प्रार्थना पत्र में शान मोहम्मद ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उसे गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने के लिए स्थायी आवास की आवश्यकता है. उसने मांग की कि उसे आवासीय पट्टे के लिए भूमि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सके और विवाह कर सके. शान मोहम्मद ने साफ तौर पर लिखा कि बिना आवास के उसका जीवन आगे नहीं बढ़ पा रहा है और सामाजिक कारणों से विवाह की प्रक्रिया बार-बार बाधित हो रही है.
शान मोहम्मद ने अपने प्रार्थना पत्र और बातचीत में अपनी पारिवारिक स्थिति का भी जिक्र किया. उसने बताया कि उसके पिता मोहम्मद मोबीन दो भाइयों के संयुक्त परिवार में रहते थे. हालांकि, एक भाई की कैंसर से पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनका परिवार अब भी संयुक्त रूप से उसी मकान में रह रहा है.
मोहम्मद मोबीन के दो बेटे और दो बेटियां हैं. बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी की शादी अभी बाकी है. शान मोहम्मद स्वयं दो भाइयों में छोटा है. बड़े भाई की शादी हो चुकी है, लेकिन शान मोहम्मद का विवाह अब तक नहीं हो सका है.
सीमित आय और आवास संकट
शान मोहम्मद के पिता मोहम्मद मोबीन कपड़े की सिलाई का काम करते हैं, जबकि शान मोहम्मद अपने बड़े भाई के साथ फुटपाथ पर जूता-चप्पल बेचकर परिवार का खर्च चलाता है. पूरे परिवार की आय बेहद सीमित है. जिस मकान में पूरा संयुक्त परिवार रह रहा है, यदि भविष्य में बंटवारा होता है तो शान मोहम्मद के हिस्से में पूरा एक कमरा भी आना मुश्किल बताया जा रहा है. यही कारण है कि अब तक उसकी शादी संभव नहीं हो सकी.
चार साल पहले किया था आवेदन
शान मोहम्मद ने यह भी बताया कि लगभग चार वर्ष पहले उसके पिता ने नगर पंचायत अमेठी में आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश अब तक आवास का आवंटन नहीं हो सका. इस अजीबोगरीब लेकिन गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए संपूर्ण समाधान दिवस के प्रभारी जिलाधिकारी संजय चौहान ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को शान मोहम्मद का प्रार्थना पत्र जांच एवं आवश्यक कार्रवाही के लिए प्रेषित कर दिया है.
जिलाधिकारी ने बताया कि युवक द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र की विस्तृत जांच कराई जाएगी. उसकी पात्रता का परीक्षण किया जाएगा और यदि वह सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभ पाने का पात्र पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा.
यह मामला गरीबी, आवास संकट और सामाजिक दबावों के बीच फंसे एक युवक की व्यथा को दर्शाता है, जो अपने जीवन को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहा है.
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Source: IOCL






















