महोबा में बीजेपी विधायक की शिकायत सच, जल जीवन मिशन की टंकी में दरारें, ‘हर घर नल’ की पोल खुली
UP News: महोबा में नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी जैसे ही पूरी भरी गई, वैसे ही उसकी दीवारों से पानी बहने लगा. जो भ्रष्टाचार का प्रमाण है, जिसकी गूंज अब शासन तक पहुंच रही है.

उत्तर प्रदेश के महोबा में हर घर नल योजना को लेकर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री का रास्ता रोककर की गई शिकायत के बाद अब जमीनी हकीकत ग्रामीणों को हैरान कर रही है. जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी फुल भरने पर फटने की कगार पर आ गई.
जिसके बाद दरारों से बहते पानी के वीडियो ने विभाग के दावों की पोल खोल दी. ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण करोड़ों की योजना व्यर्थ साबित हो रही है. ग्राम प्रधान ने अब इस मामले में जिलाधिकारी से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की है.
बीजेपी विधायक ने जलशक्ति मंत्री का रास्ता रोककर इस मिशन की थी शिकायत
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की दरार कितनी गहरी हो सकती है, इसकी बानगी महोबा के जैतपुर विकासखंड में देखने को मिली है. नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी जैसे ही पूरी भरी गई, वैसे ही उसकी दीवारों से पानी बहने लगा. यह बहता पानी सिर्फ सरकारी संसाधन की बर्बादी नहीं, बल्कि उस भ्रष्टाचार का प्रमाण है जिसकी गूंज अब शासन तक पहुंच रही है.
बीते दिनों चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का रास्ता रोककर इस मिशन में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत की थी. विधायक के उन आरोपों को अब नगारा डांग गांव की इस रिसती हुई टंकी ने सच साबित कर दिया है. 2025 में तैयार हुई इस टंकी ने अभी से दम तोड़ दिया. ग्राम प्रधान गायत्री ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है.
पत्र में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार ने निर्माण के दौरान मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया. घटिया निर्माण सामग्री का ही नतीजा है कि आज टंकी की दीवारों में दरारें आ गई हैं. ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर प्रशासन को जगाने की कोशिश की है.
आधे गांव में पानी की सप्लाई नहीं, नल सिर्फ शोपीस बनकर रह गए
इस टंकी की वजह से एक तरफ पानी बह रहा है, तो दूसरी तरफ गांव की प्यास नहीं बुझ रही. ग्रामीण पुरन और सुशीला का कहना है कि आधे गांव में पानी की सप्लाई पहुंच ही नहीं पा रही है. पाइपलाइन और निर्माण कार्य इतना धीरे है कि नल शोपीस बनकर रह गए हैं.
गांव के प्रकाश राजपूत जैसे ग्रामीणों की मांग है कि इस टंकी को जल्द दुरुस्त किया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी अगर जनता बूंद-बूंद पानी को तरसे और सरकारी निर्माण ताश के पत्तों की तरह ढहने लगें, तो सवाल उठना लाजमी है.























