झांसी ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी को मिली पर्यावरण मंजूरी, 1.51 लाख करोड़ की परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर
UP News: केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने झांसी ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी को पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी है. 253 वर्ग किमी क्षेत्र में 1.51 लाख करोड़ की इस परियोजना से 5.6 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा.

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र मंजूरी मिल गई है. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने झांसी की ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी (बीडा मास्टर प्लान-2045) को अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी है. यह परियोजना बुंदेलखंड के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने वाली है.
253 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनेगी ultra-modern औद्योगिक सिटी
253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599 एकड़) क्षेत्र में विकसित होने वाली यह परियोजना झांसी तहसील के 33 ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करेगी. कुल 1,51,571 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में औद्योगिक, आवासीय, हरित और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों का सुविचारित विकास किया जाएगा.
25% हरित क्षेत्र, शून्य तरल विसर्जन और पर्यावरण अनुकूल विकास
परियोजना में 24.92% यानी 63.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा गया है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण किया जाएगा. शहर शून्य तरल विसर्जन (Zero Liquid Discharge) पर आधारित होगा. राजघाट बांध से पेयजल लिया जाएगा और सभी अपशिष्ट जल का उपचार कर फिर से उपयोग किया जाएगा. किसी भी गंदे पानी को बेतवा, पहुज या अंगौरी नदी में नहीं छोड़ा जाएगा.
5.6 लाख युवाओं को रोजगार, बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी
इस औद्योगिक सिटी में कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे सेक्टर विकसित किए जाएंगे. परियोजना पूरा होने पर 5.6 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. ऐतिहासिक मील का पत्थरबीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री ने कहा कि यह स्वीकृति बुंदेलखंड के विकास में एक नया अध्याय है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह सिटी पर्यावरण-अनुकूल, आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगी. परियोजना के तहत अब तक 25,706 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. स्थानीय ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा.
बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआतः सीईओ
बीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय से प्राप्त यह पर्यावरणीय स्वीकृति बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बीडा को देश की सबसे आधुनिक, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा.

























