रामपुर की बिलासपुर सीट पर 2027 में विधायक कौन? यह जाति करेगी फैसला! पढ़ें पूरा समीकरण
2026 में एसआईआर के बाद बिलासपुर विधानसभा सीट पर 3,33,059 मतदाता बचे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बिलासपुर विधानसभा सीट पर 3,53,268 मतदाता थे. एसआईआर के बाद लगभग 20,209 मतदाता घटे हैं.

बिलासपुर सीट की विधानसभा संख्या 36 है. रामपुर जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट बिलासपुर है. बिलासपुर को मुस्लिम, सिख और कुर्मी बाहुल्य विधानसभा सीट मानी जाती है. 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सिख समाज के प्रत्याशी बलदेव सिंह ओलख चुनाव जीते. बलदेव सिंह ओलख योगी कैबिनेट में मंत्री भी हैं.
2022 के विधानसभा चुनाव में बिलासपुर सीट से बीजेपी के बलदेव सिंह ओलख विधायक बने. सपा ने अमरजीत सिंह को टिकट दिया. दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार सिख समाज से थे. बसपा ने रामअवतार कश्यप और कांग्रेस ने संजय कपूर को टिकट दिया.
2017 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन से यहाँ पर कांग्रेस के संजय कपूर चुनाव लड़े थे.
2026 में एसआईआर के बाद बिलासपुर विधानसभा सीट पर 3,33,059 मतदाता बचे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बिलासपुर विधानसभा सीट पर 3,53,268 मतदाता थे. एसआईआर के बाद लगभग 20,209 मतदाता घटे हैं.
विशाल विश्लेषण में सबसे पहले 2022 विधानसभा चुनाव में बिलासपुर सीट के नतीजे देख लेते हैं-
1. बीजेपी- 1,01,998
2. सपा- 1,01,691
3. बसपा- 18,870
4. कांग्रेस- 9,814
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बिलासपुर सीट पर जीत दर्ज की. बीजेपी के बल्देव सिंह ओलख ने सपा के अमरजीत सिंह को मात्र 307 वोटों से चुनाव हरा दिया. बीजेपी और सपा दोनों ही दलों को 1 लाख से ज़्यादा वोट मिले. बीजेपी को 43.17 प्रतिशत और सपा को 43.04 फीसदी वोट बिलासपुर विधानसभा सीट पर मिले. दोनों दलों के बीच महज 0.13 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा. बसपा को लगभग 18 हजार और कांग्रेस को लगभग 9 हजार वोट हासिल हुए.
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कुर्मी, लोधी, सिख समेत अन्य पिछड़ी जातियों का वोट मिला. हालाँकि सिख वोटों में सपा और बीजेपी के बीच बंटवारा देखने को मिला. बीजेपी को सामान्य वर्ग में वैश्य समाज का वोट कम मिला, जो कि कांग्रेस के पास गया. बीजेपी को क्षत्रिय और ब्राह्मण समाज का वोट मिला. बीजेपी के साथ बसपा वाला मूल काडर का एससी वोट छोड़कर शेष एससी वोट भी गया.
वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को मुस्लिम, यादव और सिख समाज का वोट इस सीट पर भी मिला. सपा को यहाँ पर कुछ कुछ बंगाली और ईसाई समाज का वोट भी मिला.
बसपा को एससी समाज में अपने काडर का वोट मिला और कांग्रेस ने वैश्य समाज के वोट के साथ साथ कस्बे के सामान्य वर्ग के कुछ वोट हासिल किए, लेकिन फिर भी 9 हजार वोट पर ही कांग्रेस सिमट कर रह गई.
2022 विधानसभा चुनाव बाद 2024 लोकसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ.
2024 के लोकसभा चुनाव में बिलासपुर विधानसभा सीट पर किस दल को कितने वोट मिले-
1. बीजेपी- 1,03,631
2. सपा- 83,764
3. बसपा- 19,628
2024 लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने बिलासपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की. इस बार 2022 के मुकाबले लंबे अंतर से बीजेपी ने सपा को हराया. बीजेपी के घनश्याम लोधी ने सपा के मोहिबुल्लाह को लगभग 20 हजार वोटों से बिलासपुर में हरा दिया. सपा को 2024 में लगभग 83 हजार वोट ही मिल पाए, जबकि 2022 में 1 लाख से ज्यादा वोट सपा ने लिए थे.
दरअसल 2022 में बिलासपुर सीट पर सपा प्रत्याशी सिख समाज से था और 2024 में सपा का प्रत्याशी मुस्लिम समाज से था. इसीलिए 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को सिख समाज का वोट इस सीट पर नहीं मिल पाया. इसकी एक वजह यह भी है कि बीजेपी के सिख विधायक भी इसी सीट से हैं, जो कि योगी सरकार में मंत्री हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में सपा को सिर्फ यादव और मुस्लिम वोट ही मिल पाए.
2024 में बीजेपी ने बिलासपुर विधानसभा सीट पर गैर यादव ओबीसी और सामान्य वर्ग का वोट हासिल किया. सिख समाज का भी पूरा वोट बीजेपी के ही साथ में गया. एससी समाज का भी लगभग 10 हजार वोट बीजेपी को मिला.
बसपा को एससी वोट ही हासिल हो पाया, वो भी अपना मूल काडर.
बिलासपुर विधानसभा सीट का जातीय समीकरण (अनुमानित)
1. मुस्लिम- 1.28 लाख
2. कुर्मी- 54 हजार
3. एससी- 45 हजार
4. सिख- 30 हजार
5. सैनी- 15 हजार
6. लोधी- 13 हजार
7. यादव- 10 हजार
8. वैश्य- 8 हजार
9. ब्राह्मण- 5 हजार
10. प्रजापति- 6 हजार
11. कश्यप- 5 हजार
12. बंगाली- 8 हजार
13. ईसाई- 3 हजार
14. पाल- 2 हजार
बिलासपुर विधानसभा सीट पर मुस्लिम के बाद सबसे ज्यादा मतदाता कुर्मी समाज के हैं. एससी मतदाता तीसरे नंबर पर आते हैं. वहीं सिख मतदाता लगभग 30 हजार की संख्या में हैं. बीजेपी और सपा दोनों ने ही पिछले विधानसभा चुनाव में सिख समाज के नेता को ही टिकट दिया. इस सीट पर गैर कुर्मी और गैर यादव ओबीसी मतदाताओं की संख्या लगभग 41 हजार है. बंगाली और ईसाई मतदाता भी इस सीट पर हैं.






















