एक्सप्लोरर

UP Assembly Election 2022: अखिलेश यादव के चुनाव न लड़ने के पीछे की राजनीति क्या है?

UP Election 2022: सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब तक एक बार भी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े हैं. वो विधान परिषद के रास्ते ही प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचे हैं. क्या इस बार भी वो ऐसा ही करेंगे.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव न लड़ने की खबरें हैं. दरअसल एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अखिलेश के हवाले से यह बात कही गई. लेकिन सपा ने इन खबरों को खारिज कर दिया है. कहा गया है कि अखिलेश के चुनाव लड़ने पर फैसला पार्टी करेगी. अखिलेश के चुनाव न लड़ने के फैसले पर किसी को आश्चर्य नहीं हुआ. दरअसल वो अबतक एक बार भी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े हैं. वो विधान परिषद के जरिए ही सदन में पहुंचे हैं. आइए नजर डालते हैं अखिलेश यादव के इस फैसले के पीछे की राजनीति पर 

पहली बार सदन में कब पहुंचे अखिलेश

अखिलेश यादव ने अपना राजनीतिक सफर 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव से की थी. वो 3 बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं. इस समय भी वो आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य हैं. साल 2012 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में बनी तो वे विधानसभा के सदस्य नहीं थे. बाद में उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता ली. मई 2018 में जब उनका कार्यकाल खत्म हुआ तो वो फिर विधान परिषद नहीं गए. उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव आजमगढ़ से लड़ा और जीते.  

UP Election 2022: अखिलेश यादव ने किया विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का एलान, सपा प्रवक्ता बोले- अभी तय नहीं

दरअसल विधानसभा चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनने वालों की सूची में अंतिम नाम राजनाथ सिंह का था. 28 अक्तूबर 2000 को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद वो बाराबंकी की हैदरगढ़ विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे. उनके बाद किसी भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा. 

दरअसल समाजवादी पार्टी इस समय ऐसे समय से गुजर रही है, जब उसके पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है. इससे पहले जब 2012 में सपा की सरकार बनी थी तो पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव सक्रिय राजनीति में थे. उन्होंने चुनाव प्रचार भी जमकर किया था. लेकिन अब उनका स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है. वहीं आजम खान जैसा बड़ा चेहरा इस समय जेल में हैं और शिवपाल सिंह यादव जैसा नेता सपा से अलग हो चुका है. ऐसे में पार्टी के प्रचार अभियान की पूरी जिम्मेदारी अखिलेश पर है. ऐसे अगर वो खुद चुनाव लड़ेंगे तो पार्टी का प्रचार अभियान प्रभावित हो सकता है. 

ममता बनर्जी का असर तो नहीं

वहीं अगर विपक्ष ने उनके खिलाफ कोई बड़ा उम्मीदवार उतार दिया तो परिणाम बदल भी सकते हैं. कुछ इसी तरह का वाकया इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में देखने को मिला जब टीएमसी ने प्रदर्शन तो शानदार किया, लेकिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ही हार गईं. अखिलेश इस तरह की किसी किरकिरी से भी बचना चाहते हैं. हार का डर ही था कि 2014 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री ने दो सीटों से लड़ा था और 2019 का चुनाव राहुल गांधी ने 2 सीटों से लड़ा. उन्हें एक सीट पर हार का भी सामना करना पड़ा. 

दूसरी बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के लिए केवल विधान परिषद का सदस्य होने की कोई शर्त नहीं होती है. पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री को विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी एक सदस्य का सदन बनना पड़ता है. अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनने के बाद विधान परिषद का रास्ता पहले भी पकड़ चुके हैं. इसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वो गोरखपुर से लोकसभा के सदस्य थे. उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा देकर विधानपरिषद का चुनाव लड़ा. वो अभी भी विधान परिषद का सदस्य ही हैं. 

UP Election 2022: केशव प्रसाद मौर्य अखिलेश यादव पर कसा तंज, सपा को लेकर कही दी बड़ी बात

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

नैनीताल में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की करोड़ों की जमीन जब्त, जानें क्या है पूरा मामला
नैनीताल में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की करोड़ों की जमीन जब्त, जानें क्या है पूरा मामला
मक्का समर्थन मूल्य बढ़ाने पर राकेश टिकैत बोले- MSP बढ़ाने से नहीं होगा किसानों को फायदा
मक्का समर्थन मूल्य बढ़ाने पर राकेश टिकैत बोले- MSP बढ़ाने से नहीं होगा किसानों को फायदा
गाजीपुर एनकाउंटर पर यूपी की सियासत गरम, जानें हत्याकांड से लेकर मुठभेड़ तक की पूरी टाइमलाइन
गाजीपुर एनकाउंटर पर यूपी की सियासत गरम, जानें हत्याकांड से लेकर मुठभेड़ तक की पूरी टाइमलाइन
'महिलाएं ससुराल में अपनी मां के नाम पर पेड़ लगाएं', विश्व पर्यावरण दिवस पर बोले मंत्री आशीष पटेल
'महिलाएं ससुराल में अपनी मां के नाम पर पेड़ लगाएं', विश्व पर्यावरण दिवस पर बोले मंत्री आशीष पटेल

वीडियोज

Laxmi Niwas:😯Radhika को हुआ Veer पर शक, क्या सामने आएगा मंगलसूत्र का सच? #sbs
Cannes में भारत का प्रतिनिधित्व कर भावुक हुईं Nidhi Kumar Malhotra, बताया खास अनुभव
'Peddi' में Ram Charan का शानदार प्रदर्शन, क्लाइमैक्स ने छोड़ी गहरी छाप
Madhuri Dixit के नए अवतार ने जीता दिल, 'Maa Behen' बनी मजेदार एंटरटेनर
Breaking | Malviya Nagar Fire Update: होटल जला तो पता चला, सब मिले हैं जी! | Delhi News | Fire

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जिस समय खामनेई पर हुआ था अटैक, मैं वहीं था..., ईरान के विदेश मंत्री ने सुनाया वो खौफनाक मंजर
जिस समय खामनेई पर हुआ था अटैक, मैं वहीं था..., ईरान के विदेश मंत्री ने सुनाया वो खौफनाक मंजर
राज्यसभा चुनाव: MP में BJP उतारेगी तीसरा उम्मीदवार? विजयवर्गीय के बयान के बाद अटकलें तेज
राज्यसभा चुनाव: MP में BJP उतारेगी तीसरा उम्मीदवार? विजयवर्गीय के बयान के बाद अटकलें तेज
24 साल के इस खिलाड़ी पर गौतम गंभीर मेहरबान, AFG टेस्ट में नंबर-3 का स्पॉट फिक्स; बोले- 'उसने IPL में...'
इस खिलाड़ी पर गौतम गंभीर मेहरबान, AFG टेस्ट में नंबर-3 का स्पॉट फिक्स; बोले- 'उसने IPL में...'
2000 करोड़ी एक्ट्रेस संग सनी देओल ने किया काम, 2 करोड़ भी नहीं कमाए, महा डिजास्टर निकली फिल्म
2000 करोड़ी एक्ट्रेस संग सनी देओल ने किया काम, 2 करोड़ भी नहीं कमाए, महा डिजास्टर निकली फिल्म
6 जून से दिल्ली में मचेगा सियासी घमासान! दलित-मुस्लिम गठबंधन के लिए कांग्रेस का सबसे बड़ा दांव
6 जून से दिल्ली में मचेगा सियासी घमासान! दलित-मुस्लिम गठबंधन के लिए कांग्रेस का सबसे बड़ा दांव
Explained: पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ ही आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच निकलते
पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच जाते
'मां-पापा माफ कर देना, दोबारा...', सुसाइड के कुछ दिन बाद मिला NEET अभ्यर्थी का रुला देने वाला नोट
'माफ करना, दोबारा..., सुसाइड के कुछ दिन बाद मिला NEET अभ्यर्थी का रुला देने वाला नोट
Frozen Dessert Health Risks: जानें सेहत के लिए कैसे नुकसानदेह है फ्रोजन डेजर्ट, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी बड़ी चेतावनी
जानें सेहत के लिए कैसे नुकसानदेह है फ्रोजन डेजर्ट, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी बड़ी चेतावनी
Embed widget