UP Election 2022: पिछले 5 चुनाव में सबसे कम उम्मीदवार इस बार हैं मैदान में, इस वजह से कम हो रहे हैं उम्मीदवार
UP Election 2022: इससे पहले 2017 के चुनाव में 403 सीटों पर 4 हजार 853, 2012 के चुनाव में 6 हजार 839, 2007 के चुनाव में 6 हजार 86 और 2002 के चुनाव में 5 हजार 533 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव 7 चरणों में कराए जा रहे हैं. चौथे चरण का मतदान आज कराया जा रहा है. इस चरण में 59 सीटों पर मतदान कराया जा रहा है. चौथे चरण के साथ ही प्रदेश की 403 में से 231 सीटों पर मतदान पूरा हो जाएगा. इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मैदान में 4 हजार 441 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. यह पिछले 5 विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की सबसे कम संख्या है.
किस चुनाव में कितने उम्मीदवार थे मैदान में
इससे पहले 2017 के चुनाव में 403 सीटों पर 4 हजार 853, 2012 के चुनाव में 6 हजार 839, 2007 के चुनाव में 6 हजार 86 और 2002 के चुनाव में 5 हजार 533 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.
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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के अलावा छोटे-छोटे दल भी बड़ी संख्या में चुनाव में उतरते हैं. वहीं हर सीट पर कुछ लोग निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरते हैं. इससे हर सीट पर उम्मीदवारों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है. इस बार बहुत से छोटे दलों ने बड़े दलों के साथ समझौता किया है. इसलिए इस बार उम्मीदवारों की संख्या कम नजर आ रही है.
गठबंधन का फायदा किस दल को होता है?
दरअसल गठबंधन कर चुनाव लड़ने में दोनों दल फायदे में रहते हैं. इसे हम इस तरह से समझ सकते हैं कि ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को चुनाव में पहली सफलता तब हाथ लगी जब उसे बीजेपी से समझौता किया. करीब दो दशक से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय इस पार्टी ने पिछला हर चुनाव लड़ा था. बीजेपी ने 2017 के चुनाव में उससे समझौता किया. इसका परिणाम यह हुआ कि सुभासपा 4 सीटें जीतने में कामयाब रही.
बीजेपी ने अपने पुराने फार्मूले पर चलते हुए कई गठबंधन किया है. वहीं उसकी प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी ने भी इस बार कई छोटे-बड़े दलों के साथ हाथ मिलाया है. सपा का 2017 में केवल कांग्रेस से ही समझौता था. कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) इस बार अकेले ही चुनाव मैदान में हैं. हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने पिछला चुनाव अकेले 38 सीटों पर लड़ा था. इस बार उसने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और पीस पार्टी के साथ गठबंधन किया है. इस वजह से भी उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है.
यूपी चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवार किस सीट पर हैं?
इस बार सबसे अधिक 25-25 उम्मीदवार प्रयागराज के प्रतापपुर व जौनपुर सदर सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार पहले चरण की 58 सीटों पर 623, दूसरे चरण की 55 सीटों पर 586, तीसरे चरण की 59 सीटों पर 627, चौथे चरण की 59 सीटों पर 624, पांचवें चरण की 61 सीटों पर 692, छठे चरण की 57 सीटों पर 676 और सातवें चरण की 54 सीटों पर 613 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
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