19 साल बाद कोर्ट पहुंचे जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम बुखारी, इस केस में NBW रिकॉल अर्जी हुई मंजूर
UP News In Hindi: मुजफ्फरनगर में साल 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में सैय्यद अहमद बुखारी को कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट को रिकॉल कराने की अर्जी को स्वीकार कर लिया है.

उतर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में साल 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में दिल्ली की जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी करीब 19 साल बाद शुक्रवार (24 जुलाई) को मुजफ्फरनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट पहुंचकर उन्होंने अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) को रिकॉल कराने की अर्जी दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. इसके बाद मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
दरअसल, 28 मार्च 2007 को खतौली विधानसभा क्षेत्र में तत्कालीन यूडीएफ प्रत्याशी शाकिर अली के चुनाव प्रचार के दौरान सैय्यद अहमद बुखारी के बिना अनुमति हेलीकॉप्टर से पहुंचने का आरोप लगा था. उस समय जिले में चुनाव आचार संहिता लागू थी. इसी मामले में सैय्यद अहमद बुखारी, तत्कालीन प्रत्याशी शाकिर अली और आयोजक मोहम्मद इनाम कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.
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कोर्ट में पेश होने के बाद अदालत ने उनकी वारंट रिकॉल अर्जी की स्वीकार
इस मामले की सुनवाई के दौरान लगातार कोर्ट में अनुपस्थित रहने पर सीजेएम कोर्ट ने शाही इमाम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे. शुक्रवार को वह स्वयं कोर्ट में पेश हुए, जहां अदालत ने उनकी वारंट रिकॉल अर्जी स्वीकार कर ली है. पेशी के बाद वह बिना मीडिया से बातचीत किए दिल्ली रवाना हो गए.
वहीं, बुखारी के अधिवक्ता कैलाश सिंह ने बताया कि यह मामला साल 2007 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है. अन्य आरोपित पहले ही अदालत में पेश हो चुके थे, जबकि शाही इमाम के खिलाफ वारंट लंबित था. अब वारंट निरस्त होने के बाद मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार कोर्ट में होगी.
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