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उत्तराखंड: 49 करोड़ का जानकी सेतु बना सवालों का पुल, पांच साल में ही उखड़ने लगी परतें
Uttarakhand News: टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाला जानकी सेतु अभी पांच साल भी पूरे नहीं कर पाया कि इस पुल पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे दिखाई देने लगे हैं.

जानकी सेतु में पड़ी दरारें
Source : दानिश खान
टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाला जानकी सेतु इन दिनों लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल अभी अपनी उम्र के पांच साल भी पूरे नहीं कर पाया है, लेकिन इस पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे दिखाई देने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने कम समय में पुल की यह हालत निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाती है.
लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर द्वारा मुनि की रेती से स्वर्गाश्रम वेद निकेतन तक लगभग 346 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कराया गया था. पुल को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है, जिसमें बीच का हिस्सा पैदल यात्रियों के लिए है, जबकि दोनों ओर के हिस्सों से दोपहिया वाहनों की आवाजाही होती है. यह पुल क्षेत्र में आवागमन का महत्वपूर्ण साधन होने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी खास महत्व रखता है.
लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर द्वारा मुनि की रेती से स्वर्गाश्रम वेद निकेतन तक लगभग 346 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कराया गया था. पुल को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है, जिसमें बीच का हिस्सा पैदल यात्रियों के लिए है, जबकि दोनों ओर के हिस्सों से दोपहिया वाहनों की आवाजाही होती है. यह पुल क्षेत्र में आवागमन का महत्वपूर्ण साधन होने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी खास महत्व रखता है.
तत्कालीन CM त्रिवेंद्र सिंह रावत किया था लोकार्पण
20 नवंबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जानकी सेतु का लोकार्पण किया था. उस समय इसे क्षेत्र के विकास की बड़ी उपलब्धि बताया गया था, लेकिन अब पांच साल के भीतर ही पुल की सतह उखड़ने लगी है. स्थानीय नागरिकों सुमित रावत, दीपक नेगी और सत्यपाल रावत का कहना है कि पुल पर लगे लोहे के एंगल भी कई जगह से गायब हो चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.
स्थानीय लोगों ने रखरखाव न करने का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की ओर से पुल की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किया जा रहा है. लाखों रुपये खर्च कर पुल पर चीनी लाइटें लगाई गई थी, ताकि रात के समय यह आकर्षक नजर आए, लेकिन रखरखाव के अभाव में सौंदर्यीकरण की यह कोशिश भी बेअसर होती दिख रही है.
इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग नरेंद्र नगर के सहायक अभियंता अश्वनी यादव ने कहा कि जानकी सेतु की स्थिति विभाग के संज्ञान में है. हाल ही में विभागीय कर्मचारियों के साथ पुल का निरीक्षण किया गया है और प्लेटफॉर्म पर बने गड्ढों को जल्द भरने का कार्य किया जाएगा.
हालांकि, स्थानीय लोग केवल मरम्मत नहीं बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और करोड़ों की सार्वजनिक धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके.
इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग नरेंद्र नगर के सहायक अभियंता अश्वनी यादव ने कहा कि जानकी सेतु की स्थिति विभाग के संज्ञान में है. हाल ही में विभागीय कर्मचारियों के साथ पुल का निरीक्षण किया गया है और प्लेटफॉर्म पर बने गड्ढों को जल्द भरने का कार्य किया जाएगा.
हालांकि, स्थानीय लोग केवल मरम्मत नहीं बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और करोड़ों की सार्वजनिक धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके.
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Source: IOCL

























