एक्सप्लोरर

रायबरेली: प्राथमिक स्कूल के एक कमरे में चलती है पांच कक्षाएं और बनता है मिड डे मील

रायबरेली के इस प्राथमिक स्कूल की हालत बेहद दयनीय है। यहां आनेवाले बच्चों को अब तक स्वेटर नहीं मिला है, हाड़ कपानेवाली ठंड में बच्चे कांपते हुये स्कूल आ रहे हैं। बात यहीं नहीं खत्म होती है यहां एक कमरे में पांच कक्षाएं चल रही है साथ ही इसी कमरे में मिड डे मील का खाना भी बनता है।

रायबरेली, एबीपी गंगा। बदली व बर्फीली हवा ने जहां एक तरफ लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, वहीं छोटे-छोटे नौनिहाल कड़कड़ाती ठंड में भी सुबह सुबह विद्यालय जाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं दर्जनों स्कूल ऐसे हैं जहां अभी स्वेटर का भी वितरण पूर्ण नहीं हो पाया है। इस स्थिति में गरीब बच्चे अपने घरों के फटे पुराने स्वेटर या कपड़े ही पहनकर विद्यालय पहुंच रहे हैं जो उनके लिए बहुत ही कष्टदाई साबित हो रहा है।

ऐसे में जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर बड़े-बड़े ऊनी कोट पहने हुए अफसरों को बच्चों की ठंड का एहसास नहीं है।

पूरे प्रदेश में शीतलहर ने आम जनजीवन को ठप कर दिया है। बहुत ही मजबूरी में लोग घरों से निकल रहे हैं, वह भी ठंड से बचने के पूरे इंतजाम के साथ। रायबरेली जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा दी गई डेडलाइन के काफी बाद कुछ ही विद्यालयों में स्वेटर का वितरण हुआ वो भी फटे हुए थे या फिर छोटे-बड़े स्वेटर बच्चों को दिए गए। इतना ही नहीं कुछ गरीब बच्चों को तो स्वेटर दिए भी नहीं गये। ऐसे में बच्चे ठंड में बिना स्वेटर के या फिर अपने घरों के फटे पुराने स्वेटर पहनकर विद्यालय आने को मजबूर हो रहे हैं।

प्राथमिक विद्यालय कैपरगंज का तो बहुत बुरा हाल है वहां एक कमरे में ही पांच कक्षाएं चलती हैं। विद्यालय में कुल 54 छात्रों का पंजीकरण है और उस पर मात्र एक अध्यापिका है। जिसके पास प्रधानाध्यापिका का भी चार्ज है सबसे खास बात उस विद्यालय की यह रही कि उसी एक कमरे में रसोईया खाना भी बनाती है। मिड डे मील का सारा सामान भी रखा जाता है और पांचों कक्षाएं भी चलती हैं। इस तरह कैसे संभव हो पाता है किसी कक्षा में बैठकर पांचों कक्षा के बच्चे पढ़ पाएं और एक शिक्षिका के लिए पांचो कक्षाओं के बच्चों को संभालना भी आसान नहीं होता है।

रायबरेली: प्राथमिक स्कूल के एक कमरे में चलती है पांच कक्षाएं और बनता है मिड डे मील

दूसरा पहलू यहां का यह है किसी प्रधानाध्यापिका को ऑफिस का काम भी देखना पड़ता है। मिड डे मील के लिए सब्जी आदि की व्यवस्था भी करनी पड़ती है साथ ही स्कूल के अन्य काम भी करने पड़ते हैं। इस तरह बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है और प्रदेश सरकार बच्चों के उज्जवल भविष्य के अपने प्रयासों का ढोल पीट रही है। इस विद्यालय के बच्चों को अभी स्वेटर नहीं मिला है।

दूसरी तरफ जूनियर हाई स्कूल बेलीगंज है, जहां बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं मिला है। बच्चे ठंड में कांपते हुए दिखे। वहां की प्रधानाध्यापिका रेनू सिंह व शिक्षक विवेकानंद त्रिपाठी ने बाहर से लकड़ियां मंगा कर अलाव जलवाया और ठंड में कांप रहे बच्चों को तपवाने के लिए उसके सामने बैठाया। बिना स्वेटर के वहां पर बच्चे अलाव के सहारे गर्मी लेकर किसी तरह समय काटते हुए दिखे ।

कुछ बच्चे अपने घर से कुछ गर्म कपड़े पहन कर आए थे तो ज्यादातर बच्चे बिना स्वेटर के दिखे। इन गरीब बच्चों के सामने सबसे बड़ी मजबूरी यह है कि न तो विद्यालय से स्वेटर मिला है और ना ही विद्यालय बंद करने का कोई आदेश ही आया है।

इस तरह भीषण शीतलहर में यदि विद्यालय बंद नहीं किया गया या उनके लिए समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो ठंड से बहुत बड़ा हादसा हो सकता है। नगर क्षेत्र के लगभग 90% विद्यालयों में स्वेटर का वितरण अभी तक नहीं हो पाया है और अगर कुछ विद्यालयों में हुआ भी है तो छोटे बड़े साइज के स्वेटर वितरित किए गए हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के चाहे डलमऊ तहसील हो सलोन हो ,राही हो, ऊंचाहार हो , महराजगंज हो या फिर बछरावां सभी विद्यालयों के बच्चों का यही हाल है।

पिछले एक बयान में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही समय पर स्वेटर वितरण न होने की दशा में जिलाधिकारी और बीएसए दोनों पर कार्रवाई करने की बात कही थी। वही योगी के शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने एक हास्यास्पद बयान देकर सबको चौंका दिया था किस दिन में स्वेटर 25 दिसंबर के बाद पहनने वाला होता है तो अभी अगर स्वेटर का वितरण नहीं हुआ। इसमें कोई देर नहीं हुई है। इस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बात कहते हैं और उनके मंत्री दूसरी बात लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो जिस तरह शीतलहर चल रही है जिस तरह कपकपाती ठंड पड़ रही है उस तरह बड़े लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, बच्चे तो बच्चे हैं जबकि प्राथमिक विद्यालय में उन्हीं के बच्चे जाते हैं जिनके पास संसाधनों की कमी होती है ऐसे में अगर सरकार ने स्वेटर उपलब्ध कराने की बात कही और उपलब्ध नहीं हो पाया तो इसके जिम्मेदार कौन है सरकार या फिर सरकारी सिस्टम।

बेलिगंज प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक विवेकानंद का कहना है कि स्वेटर वितरण की व्यवस्था तो बहुत लचर है। स्वेटर वितरण के लिये डेडलाइन 30 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। फिर 30 नवम्बर फिर उसके बाद 15 दिसम्बर लेकिन स्वेटर का अभी तक कोई अता पता नहीं है। उसके बाद भी स्वेटर नही बंटा।

इसी तरह जूनियर हाईस्कूल बेलीगंज की प्रधानाध्यापिका रेनू सिंह व प्राथमिक विद्यालय कैपरगंज की प्रधानाध्यापिका अमिता ने भी स्वेटर ना बंटने की बात स्वीकार करते हुए कहा की अभी तक स्वेटर का वितरण नहीं हुआ है। बच्चे ठंड में बिना स्वेटर के या फिर घर के कपड़े में आ रहे है।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा उत्तराखंड हाईकोर्ट? धामी कैबिनेट ने जमीन को दी मंजूरी
नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा उत्तराखंड हाईकोर्ट? धामी कैबिनेट ने जमीन को दी मंजूरी
लखनऊ में 11 साल की बच्ची से रेप के बाद दी धमकी, आरोपी ऑटो चालक गिरफ्तार
लखनऊ में 11 साल की बच्ची से रेप के बाद दी धमकी, आरोपी ऑटो चालक गिरफ्तार
उत्तराखंड के युवक ने बनाई 'फ्लाइंग कार', CM धामी भी हुए टैलेंट के मुरीद
उत्तराखंड के युवक ने बनाई 'फ्लाइंग कार', CM धामी भी हुए टैलेंट के मुरीद
CM योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर की पुष्पवर्षा, शिव भक्तों का किया स्वागत
CM योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर की पुष्पवर्षा, शिव भक्तों का किया स्वागत

वीडियोज

Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)
Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Bigg Boss 20 का बड़ा Twist! Salman Khan के ‘Karan Arjun’ Hint से खुला Two Lives का राज
Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत का एक और दुश्मन ढेर, लश्कर कमांडर कारी सईद की इस्लामाबाद में मौत
भारत का एक और दुश्मन ढेर, लश्कर कमांडर कारी सईद की इस्लामाबाद में मौत
महिला आरक्षण बिल पर अकाली दल का बड़ा दांव, बैठक में क्या तय हुआ?
महिला आरक्षण बिल पर अकाली दल का बड़ा दांव, बैठक में क्या तय हुआ?
अब टीम इंडिया में कौन लेगा साई सुदर्शन की जगह? रिप्लेसमेंट के 3 सबसे बड़े दावेदार
अब टीम इंडिया में कौन लेगा साई सुदर्शन की जगह? रिप्लेसमेंट के 3 सबसे बड़े दावेदार
DC OTT Release: लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
IIT Delhi Convocation में PM ने किया PMRF का जिक्र, जानिए क्या है ये फेलोशिप 
IIT Delhi Convocation में PM ने किया PMRF का जिक्र, जानिए क्या है ये फेलोशिप 
BP Medicine Cancer Risk: बीपी की दवा से कैंसर का खतरा! WHO की रिपोर्ट ने चौंकाया
बीपी की दवा से कैंसर का खतरा! WHO की रिपोर्ट ने चौंकाया
Embed widget