कुलदीप सेंगर के समर्थन में उतरा पुरुष आयोग, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले दिया था ये बयान
Unnao Rape Case: बरखा त्रेहन ने कहा कि हमें अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए. इसीलिए वे कुलदीप सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने गयीं थीं. उन्होंने इस पर राजनीति न करने की अपील की.

उन्नाव रेप केस में दोषी कुलदीप सेंगर के समर्थन में पुरुष आयोग आ गया है. आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले रविवार को मीडिया में यह बयान दिया था कि बलात्कार जैसे मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने पीड़िता को लेकर भी सवाल उठाया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से न्याय नहीं मिलेगा.
बरखा त्रेहन ने कहा कि हमें अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए. इसीलिए वे कुलदीप सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने गयीं थीं. उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग संविधान की किताब लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या उन्हें कोर्ट के फैसले का सम्मान नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने उन्हें निर्दोष नहीं किया. हाईकोर्ट के जज पर टिपण्णी करना क्या अदालत की अवमानना नहीं है? यही नहीं उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों की भी आलोचना की.
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाईं रोक
यहां बता दें कि 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी. जिसके बाद पीड़िता और सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. आज सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया. कुलदीप सेंगर की सज़ा बरक़रार रहेगी और न ही उसे जेल से रिहा किया जाएगा.
चर्चा में आ गया था मामला
पीड़िता और उसके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. और आरोपी कुलदीप सेंगर को फांसी की सज़ा की मांग की है. इस मामले में विपक्षी पार्टियों ने भी आलोचना की थी और बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए थे. जमानत के खिलाफ पीड़िता और तमाम संगठनों ने इंडिया गेट से लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था.
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