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चारधाम यात्रा से पहले ही जाम में फंसा उत्तराखंड, नैनीताल और मसूरी में ट्रैफिक व्यवस्था बेहाल

Uttarakhand: वीकेंड के मौके पर नैनीताल और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर गाड़ियों की लंबी जाम देखने को मिली. लोग घंटोंं-घंटों जाम में फंसे रहे. यह समस्या कैंची धाम मार्ग पर भी देखने को मिली.

Uttarakhand News: अगर आप भी छुट्टियों में उत्तराखंड घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इस समय राज्य में बने हालात को जान लेना जरूरी है. चारधाम यात्रा की शुरुआत से पहले ही उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है. नैनीताल और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर एक घंटे की दूरी तय करने में चार से पांच घंटे तक का समय लग रहा है.

शनिवार और रविवार को वीकेंड के चलते हजारों की संख्या में सैलानी नैनीताल, मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों पर पहुंचे. नैनीताल के कैंची धाम के रास्ते पर हालात और भी ज्यादा खराब रहे. यहां 7 किलोमीटर के सफर में ही पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा. यह स्थिति सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बनी रही.

कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़
नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम में इस वीकेंड श्रद्धालुओं और पर्यटकों का जबरदस्त सैलाब उमड़ा. कैंची धाम जाने वाले मुख्य मार्ग पर हजारों वाहन फंसे रहे. 7 किलोमीटर के इस सफर को तय करने में लोगों को 4-5 घंटे तक का समय लग रहा था. सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गई. इस कारण आसपास के होटल भी पूरी तरह फुल हो गए. होटल बुक न होने के कारण कई पर्यटक अपने वाहनों में ही रात गुजारने को मजबूर हुए.

प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत की, लेकिन वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि हालात संभालना मुश्किल हो गया. नैनीताल शहर में भी भीड़ के चलते स्थिति विकट हो गई. वाहनों का दबाव इतना बढ़ा कि पार्किंग स्थलों पर जगह नहीं बची. शहर के प्रमुख स्थानों मल्लीताल, तल्लीताल, बोट हाउस क्लब, मॉल रोड और ठंडी सड़क पर भी लोग जाम में फंसे नजर आए.

30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा की शुरुआत
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रास्ता नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन सैलानियों की भारी भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. चार धाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. इस यात्रा के दौरान करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले हैं. पहले से ही राज्य में पर्यटन स्थलों पर भीड़ के कारण जाम की स्थिति है, ऐसे में चारधाम यात्रा के दौरान स्थिति और विकट होने की आशंका है.

चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. लेकिन जिस तरह से वीकेंड पर नैनीताल और मसूरी में जाम की स्थिति देखी गई है, उससे प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ गई है. खासकर छोटे रास्तों और पहाड़ी मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी.

प्रशासन की पर्यटकों और श्रद्धालुओं से खास अपील
जाम में फंसे पर्यटकों ने बताया कि उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में कई घंटे लग गए. कई पर्यटक तो अपने वाहनों में ही फंसे रहे और खाने-पीने तक की समस्या झेलनी पड़ी. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी परेशानी भरी रही.

प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. साथ ही, भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने की कोशिश करें ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक समस्या से बचा जा सके.

भीड़ प्रबंधन बनी प्रशासन के लिए चुनौती
नैनीताल, भवाली, रामगढ़, मुक्तेश्वर जैसे क्षेत्रों में स्थित लगभग सभी होटल फुल हो गए हैं. बड़ी संख्या में पर्यटक बिना बुकिंग के पहुंचे, जिससे होटल संचालकों ने भी असमर्थता जता दी. नतीजतन, कई परिवारों को गाड़ियों में या खुले में रात बितानी पड़ी.

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वीकेंड के दौरान जो स्थिति देखने को मिली है, वह चारधाम यात्रा के दौरान संभावित चुनौती का संकेत है. भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर प्रशासन को और अधिक सख्त व संगठित कदम उठाने होंगे, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक दोनों बिना किसी असुविधा के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.

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