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योगी के मंत्री को रोकने वाले BJP विधायक सपा में होंगे शामिल? विवाद के बीच पिता का बड़ा दावा
UP Politics: यूपी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच हुए विवाद पर अब बीजेपी विधायके पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत की प्रतिक्रिया सामने आई है.

चरखारी विधायक बृज भूषण राजपूत
Source : इमरान खान/सोशल मीडिया
जल जीवन मिशन की बदहाली पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से लोहा लेने वाले महोबा के चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत को उनके पिता व पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत का साथ मिला है. गंगाचरण ने विधायक को मिले नोटिस के बीच स्वतंत्र देव सिंह पर ही अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटे ने जो कहा वह जनता का दर्द था, जिसे हवा दी गई.
दरअसल, विधायक को मिले स्पष्टीकरण नोटिस पर उनके पिता गंगाचरण राजपूत ने तीखा पलटवार किया है. पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने सीधे जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विधायक को नोटिस मिला है, तो मंत्री को भी नोटिस मिलना चाहिए.
दरअसल, विधायक को मिले स्पष्टीकरण नोटिस पर उनके पिता गंगाचरण राजपूत ने तीखा पलटवार किया है. पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने सीधे जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विधायक को नोटिस मिला है, तो मंत्री को भी नोटिस मिलना चाहिए.
सपा में जाने की अटकलों पर क्या कहा?
सपा में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रजभूषण राजपूत हिंदुत्व की राजनीति करते है और वह भाजपा में ही रहेंगे. मुख्यमंत्री घेरने के बयान पर उन्होंने इसे 'जुबान फिसलना' बताते हुए माफी मांगने की बात कही.
मंत्री के स्वतंत्र देव सिंह को बताया संविधान का उल्लंघन
उन्होंने सवाल उठाया कि जब संगठन ने मीडिया में बयानबाजी पर रोक लगाई थी, तो मंत्री ने विधायक का 'राजनीतिक करियर खराब होने' जैसी बात क्यों कही? उन्होंने इसे पार्टी संविधान का उल्लंघन बताया. गंगाचरण ने कहा कि उनका बेटा 'सत्य और पानी' की लड़ाई लड़ रहा है, जिसे कुछ लोग जानबूझकर जातिवाद का रंग दे रहे हैं.
मंत्री के चापलूस नारा लगाकर छुपाते हैं हकीकत
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों को अक्सर चापलूस घेर लेते हैं जो 'ऑल इज वेल' का नारा लगाकर हकीकत छुपाते हैं. विधायक ने तो सिर्फ मोदी जी की 20 हजार करोड़ की 'नमामि गंगे' परियोजना की जमीनी खामियों को उजागर किया था. ठेकेदारों और इंजीनियरों की लापरवाही के कारण गांव दलदल बन गए हैं और विधायक ने यही सच बोलने की हिम्मत दिखाई.
पूर्व सांसद गंगाचरण ने जोर देकर कहा कि सिर्फ गुड्डू भैया ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य विधायक भी इस योजना की बदहाली से परेशान हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि प्रधानों को डरा-धमकाकर कागज पर काम पूरा दिखा देने से हकीकत नहीं बदलती. अब देखना यह है कि पिता के इस कड़े रुख के बाद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस मामले को कैसे शांत करता है.
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Source: IOCL

























