महोबा: जमीन के लालच में खूनी रिश्तों का कत्ल, बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, ऐसे हुआ खुलासा
Mahoba News: वृद्ध के गले में तौलिया का फंदा कसा था और सिर को किसी भारी वस्तु से बुरी तरह कुचला गया था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे और जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे.

उत्तर प्रदेश के महोबा में चरखारी कोतवाली के गांव गुढा गांव में शनिवार (27 दिसंबर) को वृद्ध लाल दिमान कस लहुलुहान शव उनके खेत में मिला था. पुलिस ने महज 24 घंटे में इस हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा किया है. वृद्ध किसान की हत्या उसके छोटे बेटे भाग्यबली ने की थी. उसे शक था पिता अपनी जमीन बड़े भाई को दे देंगे. पुलिस ने आरोपी को मय हथियार गिरफ्तार कर लिया है.
वृद्ध के गले में तौलिया का फंदा कसा था और सिर को किसी भारी वस्तु से बुरी तरह कुचला गया था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे और जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे. थाना पुलिस ने जब जांच की तो जमीन के झगड़े की बात आयी और छोटे बेटे को गिरफ्तार कर लिया.
क्या था पूरा मामला ?
चरखारी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत के मकान में अकेले रह रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान लालदिमान की नृशंस हत्या कर दी गई. वृद्ध का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था, उनके गले में तौलिया का फदा कसा था और सिर को किसी भारी वस्तु से बुरी तरह कुचला गया था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आला अधिकारियों ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए थे. चरखारी कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार और उनकी टीम ने जब जांच शुरू की, तो शक की सुई घर के सदस्यों की ओर घूमी. मात्र 24 घंटे के भीतर पुलिस ने परत-दर-परत राज खोले और जो सच सामने आया उसने सबको झकझोर कर रख दिया.
वृद्ध लालदिमान का कातिल कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना छोटा बेटा 45 वर्षीय भागवली निकला. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पास से आला-कत्ल भी बरामद कर लिया है. पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई, वह जमीन का लालच और भाइयों के बीच की रंजिश थी. मृतक लालदिमान के पास कुल 60 बीघा जमीन थी, जिसमें से 10-10 बीघा उन्होंने दोनों बेटों के नाम कर दी थी और 19 बीघा बेचकर पैसे भी बांट दिए थे. अब उनके पास करीब 20 बीघा जमीन शेष बची थी.
खेत पर अकेले रहते थे
लालदिमान की पत्नी की 5 साल पहले मौत हो चुकी थी, इसलिए वे खेत पर अकेले रहते थे. उनका बड़ा बेटा हरनारायण उनकी सेवा करता था और रोज खाना देने जाता था. भाग्यबली को यह डर सताने लगा कि पिता ने यह कह दिया है कि जो सेवा करेगा, बाकी जमीन उसे ही मिलेगी. भागवली को लगा कि बड़ा भाई पिता को वश में कर पूरी जमीन अपने नाम करवा लेगा. इसी डर और मानसिक दबाव में आकर उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची और ईंट से कुचलकर उनकी जान ले ली. इस वारदात ने साबित कर दिया कि लालच के आगे खून के रिश्ते कितने कमजोर हो चुके हैं.
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Source: IOCL





















