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Bhartiya Akahara Parishad: महंत रवींद्र पुरी बने भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, खुद को बताया बीजेपी समर्थक

Bhartiya Akahara Parishad के नवनिर्वाचित अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि, वे विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि, अखाड़ा परिषद में कोई फूट नहीं है.

Bhartiya Akahara Parishad New President निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी को साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का नया अध्यक्ष चुना गया है. रवींद्र पुरी का चयन आज प्रयागराज में हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में आम सहमति से किया गया. हालांकि, इस बैठक में 13 में से सिर्फ 7 अखाड़े ही मौजूद थे, जबकि एक अखाड़े ने अपने समर्थन की चिट्ठी भेजी थी. नवनिर्वाचित अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद खुद को बीजेपी का पुराना समर्थक बताया और कई राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में खुलकर प्रचार करने का ऐलान भी किया. 

बीजेपी का करेंगे प्रचार 

उन्होंने बीजेपी को राम की पार्टी बताया और कहा कि, उनकी अगुवाई में संत महात्मा देश के चप्पे-चप्पे में भाजपा को लाने और उसे जिताने का काम करेंगे. उनके मुताबिक सिर्फ बीजेपी राज में ही संत महात्मा खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने ही दूसरी पार्टियों के नेताओं को राम का नाम लेने और मंदिरों में माथा टेकने को मजबूर किया है. अखाड़ा परिषद के नए अध्यक्ष के इस सियासी बयान पर आने वाले दिनों में विवाद पैदा होने की भी आशंका जताई जा रहे हैं.

सभी को साथ लाने की कोशिश करेंगे 

महंत रवींद्र पुरी ने इस मौके पर कहा कि, हरिद्वार में पिछले हफ्ते जिन अखाड़ों ने अलग बैठक कर अपने अलग पदाधिकारी चुन लिए थे, उन्हें वह साथ लाने की कोशिश करेंगे. उनके मुताबिक अखाड़ा परिषद में फूट जैसी कोई बात नहीं है. कुछ विचारों का मतभेद है, जिन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा.

13 में से सात अखाड़े हुए शामिल 

अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष पद इसी साल 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि के निधन के बाद खाली हुआ था. महंत नरेंद्र गिरि भी निरंजनी अखाड़े से ही जुड़े हुए थे. अखाड़ा परिषद की आज की बैठक भी निरंजनी अखाड़े के मुख्यालय में ही हुई. इस बैठक में जूना - निरंजनी-  अग्नि-  आनंद, आवाहन और नया उदासीन अखाड़ों के प्रतिनिधि सीधे तौर पर शामिल हुए. इसके अलावा निर्मल अखाड़े का बागी गुट कोर्ट के आदेश के साथ बैठक में मौजूद था. इस तरह आज की बैठक में 13 में से सात अखाड़े सीधे तौर पर शामिल थे, जबकि निर्मोही अनी अखाड़े ने अपने समर्थन की चिट्ठी पदाधिकारियों को भेजी थी.

अगली बैठक 25 नवंबर को होगी

आज की बैठक में महंत रवींद्र पुरी को अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही आठ अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए. इन प्रस्तावों में सभी सनातन धर्म के प्रचार -प्रसार व विस्तार के साथ ही उसकी रक्षा से जुड़े हुए थे. बैठक के बाद परिषद के महामंत्री महंत हरी गिरि ने बताया कि, अखाड़ा परिषद की अगली बैठक 25 नवंबर को होगी. उनके मुताबिक महंत रवींद्र पुरी का चुनाव परंपरा के मुताबिक किया गया है. उन्होंने यह भी दावा किया अखाड़ों के आपसी मतभेद को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा और सभी 13 अखाड़े एक बार फिर से एकजुट होंगे.

आज की बैठक की शुरुआत में सबसे पहले अखाड़ा परिषद के दिवंगत अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि दी गई. बैठक में मौजूद सभी संतों ने उनके चित्र पर फूल चढ़ाएं और 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी.

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मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

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