Mahakumbh Stampede: महाकुंभ भगदड़ मामले में होगी सीबीआई की एंट्री? कोर्ट पहुंचा मामला, जल्द हो सकती है सुनवाई
Mahakumbh Stampede Updates: प्रयागराज महाकुंभ 2025 भगदड़ मामले में सीबीआई की एंट्री हो सकती है. इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.

Maha Kumbh Stampede: उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 29 जनवरी, बुधवार को मौनी अमावस्य के मौके पर मची भगदड़ की जांच के लिए योगी सरकार ने न्यायिक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी ने अपना काम भी शुरू कर दिया है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसको लेकर याचिका दाखिल की गई है. याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) घटना की जांच करें.
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल की गई, लेटर पिटीशन दाखिल की गई है. लेटर पिटीशन में चीफ जस्टिस से सुओ मोटो लेते हुए जल्द सुनवाई की मांग की गई है. लेटर पिटीशन में बताया गया है कि हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई जबकि भगदड़ में 90 लोग घायल हुए थे.
याचिका मंजूर हुई तो अगले होगी सुनवाई
लेटर पिटीशन में चीफ जस्टिस से मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए. इसके साथ ही आगामी स्नान पर्वों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त किए जाने की भी मांग की गई है. याचिकाकर्ता राय चंद्र द्विवेदी जिला सोनभद्र रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर सेंट्रल वाटर कमीशन की ओर से लेटर पिटीशन दाखिल की गई है. लेटर पिटीशन इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी के जरिए दाखिल की गई है. अदालत अगर इस लेटर पिटीशन को सुनवाई के लिए मंजूर करती है तो सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है.
महाकुंभ भदगड़ को संसद में उठाएगी सपा
महाकुंभ हादसे पर अब सियासत भी तेज होने लगी है. समाजवादी पार्टी के राज्य सभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने महाकुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों की सही संख्या छिपाने का यूपी सरकार पर आरोप लगाया है. रामगोपाल यादव ने कहा कि यूपी सरकार मौतों का आंकड़ा छिपाकर पाप कर रही है. सबूत मिटाए जा रहे हैं. बजट सत्र में हम इसे मुद्दे को उठाएंगे.
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