सपा ने लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप, बीजेपी ने खुद को बताया संविधान के अनुरूप चलने वाली पार्टी
समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर पंचायत चुनाव में सत्ता के सहारे सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. वहीं, बीजेपी का कहना है कि गुंडागर्दी तो समाजवादी पार्टी करती है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है तो वहीं बीजेपी का साफ तौर पर कहना है कि गुंडागर्दी तो समाजवादी पार्टी करती है. जबकि, बीजेपी तो संविधान के अनुरूप चलने वाली पार्टी है.
सपा के लोग कहीं नजर नहीं आए
इस बीच अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के कोरोना काल में किए गए कामों को लेकर जो गीत जारी किया है उस पर सरकार के कैबिनेट मंत्री कह रहे हैं कि दरअसल, काम तो केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सरकार के मंत्रियों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने किया है. जबकि, समाजवादी पार्टी के लोग तो कहीं भी नजर नहीं आए.
यूपी का विकास सपा शासनकाल में हुआ है
समाजवादी पार्टी साफ तौर पर बीजेपी पर जहां पंचायत चुनाव में सत्ता के सहारे सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है तो वहीं उसका ये भी कहना है कि काम अगर किसी ने किया तो समाजवादी पार्टी ने ही किया है. ना केवल कोरोना काल में बल्कि यूपी का असल विकास भी सपा शासनकाल में ही हुआ है.
सपा और बीजोपी में है सीधी टक्कर
बता दें कि, जिला पंचायत अध्यक्ष पद नामांकन के बाद अब 57 जिलों में 3 जुलाई को वोट डाले जाएंगे. क्योंकि, नामांकन के बाद 18 जिलों में उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय है. जिनमें, 17 बीजेपी के और एक सपा का उम्मीदवार है. अब जिन 57 जिलों में वोटिंग होनी है उनमें 41 जिलों में बीजेपी और समाजवादी पार्टी की सीधी टक्कर है.
57 जिलों में 3 जुलाई को वोट डाले जाएंगे
शनिवार को जिस तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन के दौरान कई जगहों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अपना पर्चा ही नहीं दाखिल कर पाए उसके बाद अखिलेश यादव ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 11 जिलों के अपने पार्टी के जिला अध्यक्षों को पद से हटा दिया. अब बीजेपी और सपा के बीच जुबानी जंग जारी है.
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