UP Politics: पांच महीने बाद भी यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली, बीजेपी ने उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली है. पिछले साढ़े पांच महीने से कांग्रेस किसी नेता का चुनाव नहीं कर पाई है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि वरिष्ठ नेता जिम्मेदारी से बच रहे हैं.

UP News: एक तरफ विभिन्न राजनैतिक दल 2024 चुनाव (2024 Elections) की तैयारी में अभी से जुट गए हैं. दूसरी तरफ यूपी कांग्रेस (Congress) साढ़े पांच महीने बीत जाने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष तक तय नहीं कर पाई है. कहीं न कही इसके चलते पार्टी कार्यकर्ताओं के मन भी सवाल उठ रहे हैं. पहले ही यूपी में हाशिये पर चल रही कांग्रेस के सामने चुनौतियों का पहाड़ लगातार बड़ा होता दिख रहा है.
प्रियंका गांधी के बागडोर संभालने पर भी नहीं हुआ असर
इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बागडोर संभाली हुई थी. पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी लेकिन इसके बावजूद 403 में सिर्फ दो विधानसभा सीटों पर ही जीत मिली. पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू अपनी सीट तक नहीं बचा सके और बुरी तरह शिकस्त मिली. मार्च में चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से इस्तीफ़ा ले लिया था. सोनिया गांधी ने अन्य चुनावी राज्यों में भी हार के बाद वहां के प्रदेश अध्यक्षों का इस्तीफ़ा लिया था. इसके बाद बाकि राज्यों में तो नए प्रदेश अध्यक्ष बना दिए गए लेकिन उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच महीने बाद भी ये कुर्सी खाली पड़ी है. असल में 2024 के मद्देनजर कांग्रेस किसी ऐसे चेहरे को तलाश रही है जो संगठन में जान फूंक सके. वहीं सूत्रों की माने तो पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस जिम्मेदारी को लेने से बचते दिख रहे हैं.
कांग्रेस कार्यकर्ता तलाश रही है- बीजेपी
बीजेपी प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं कि कांग्रेस परिवारवाद की जकड़न में फंसी है इसलिए राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष तय नहीं हो पा रहा. जनता उनसे दूर हो चुकी है. 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा साकार होने जा रहा है. कांग्रेस अब प्रदेश अध्यक्ष क्या तलाशे, वो तो कार्यकर्ता तलाश रही है. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी कहते हैं कि हमारी प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी है और उनके दिशा निर्देश पर सभी कार्यकर्ता 2024 और नगर निकाय की चुनौतियों को लेकर पूरी शक्ति से संगठन तैयार कर रहे हैं. अब तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव न होने का मुख्य कारण था कि प्रतीक्षा कर रहे थे कि बीजेपी का अध्यक्ष आ जाए. अभी उनका अध्यक्ष आ गया अब किसी भी समय हमारे यहां नाम का ऐलान होगा. प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक पारिवारिक त्रासदी है सोनिया गांधी के परिवार में, उसके बाद हम शीघ्र इस पर निर्णय लेंगे. कांग्रेस में लोकतंत्र है, प्राथमिक सदस्यता से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी बन गई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तिथि घोषित हो गई.
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Source: IOCL

























