लखनऊ की हवा ने देश में बनाया रिकॉर्ड, मिला नंबर-1 का खिताब, वार्ड-70 भी अव्वल
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में कैटेगरी-1 के तहत लखनऊ को 1.50 करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु के मामले में देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में लखनऊ को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों में पहला स्थान मिला है. वहीं लखनऊ नगर निगम के जोन-4 के वार्ड नंबर 70 ने भी अपनी कैटेगरी में देश में पहला स्थान हासिल किया है.
नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ को यह सम्मान दिया गया. नगर निगम की ओर से मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत अधिकारियों ने पुरस्कार ग्रहण किया.
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में कैटेगरी-1 के तहत लखनऊ को 1.50 करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया है. वहीं 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में वार्ड-70 को देश का नंबर-1 बेस्ट परफॉर्मिंग वार्ड चुना गया. इसके लिए वार्ड को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला.
नगर निगम के मुताबिक, शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया. डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनकी निगरानी GPS के जरिए होती है. ई-वाहनों के लिए शहर में 12 चार्जिंग स्टेशन और 916 चार्जिंग प्वाइंट भी बनाए गए हैं.
सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए 97 इलेक्ट्रिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों से प्रमुख सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव किया जा रहा है. नगर निगम के अनुसार करीब 559.85 किलोमीटर सड़कों को एंड-टू-एंड पक्का किया जा चुका है.
कचरा प्रबंधन में भी बड़ा बदलाव
लखनऊ में रोजाना निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर भी जोर दिया गया है. नगर निगम के मुताबिक 2,550 टीपीडी क्षमता के जरिए 100 फीसदी वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण की व्यवस्था की गई है और ताजा कचरे की डंपिंग बंद की गई है. कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन बनने से कचरा ढोने वाले वाहनों के चक्कर भी कम हुए हैं. नगर निगम के अनुसार पहले रोजाना करीब 240 चक्कर लगते थे, जो अब घटकर लगभग 150 रह गए हैं. इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है.
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लखनऊ में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 140 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं. इसके अलावा शहर में वर्टिकल गार्डन, सड़क किनारे और नदी किनारे हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं. वन विभाग की मदद से मियावाकी पद्धति से भी पौधरोपण किया गया है.
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए फ्लाईओवर और सड़क चौड़ीकरण के काम किए गए हैं. रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के साथ LPG और PNG जैसे स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.
मेयर सुषमा खर्कवाल ने लखनऊ के नंबर-1 बनने को पूरे शहर के लिए गर्व का विषय बताया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन, नगर निगम की टीम की मेहनत और शहरवासियों के सहयोग से संभव हुई है. मेयर ने कहा कि यह पुरस्कार सिर्फ नगर निगम की उपलब्धि नहीं, बल्कि लखनऊ के हर नागरिक की जीत है. उन्होंने पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी.






















