कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में कोर्ट ने 20 दिन बाद कार की रिलीज, चुकानी होगी 8 करोड़ से ज्यादा की रकम
Kanpur News in Hindi: कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कार को 20 दिन बाद 8.30 करोड़ की अंडरटेकिंग पर रिलीज करने के आदेश दिए हैं. ये कार कानपुर के ग्वालटोली थाने में खड़ी थी.

कानपुर नगर के बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी कार प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने लग्जरी वाहन को रिलीज करने का आदेश दे दिया है. कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए जब्त की गई लैंबोर्गिनी कार की सुपुर्दगी का निर्देश दिया है. करीब 20 दिनों से ये कार थाना ग्वालटोली थाने में खड़ी हुई थी. वहीं आरोपी तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम् मिश्रा को पहले ही इस मामले में ज़मानत मिल चुकी है.
कोर्ट ने थाना ग्वालटोली थाने में खड़ी वाहन संख्या DL 11CN 4018 (लैंबॉर्गिनी) को आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वाहन मालिक को कार सौंपने का आदेश जारी कर दिया. कार के लिए वाहन मालिक को 8.30 करोड़ रुपये की एक जमानत और अंडरटेकिग जमा करनी है.
8.30 करोड़ की अंडरटेकिंग पर रिलीज की कार
इस कार को रिलीज करने की प्रक्रिया भी काफी नाटकीय रही. इस मामले की सुनवाई से पहले दो अदालतों ने इस मामले को लेने से ही इनकार कर दिया. बाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीजेएस सूरज मिश्रा की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने ये कार रिलीज़ करने का आदेश दिया. अदालत में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में बताया गया कि वाहन को पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 203 सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई करते हुए सीज किया था.
आरोपी शिवम को पहले मिल चुकी है ज़मानत
बता दें कि कानपुर में सात फरवरी को बड़े तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम् मिश्रा ने अपनी लैंबॉर्गिनी कार से भैरौघाट चौराहे के पास कई लोगों को टक्कर मार दी थी, जिसमें छह लोग घायल हो गए थे. शिवम् मिश्रा का घटना स्थल से भागने का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद ये हाई प्रोफ़ाइल केस काफी सुर्खियों में रहा था.
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शिवम् मिश्रा को गिरफ़्तार कर लिया था. लेकिन इस जमानती धाराएं होने की वजह से कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया था. जिसके बाद शिवम् मिश्रा की ओर से कार को रिलीज़ करने के लिए प्रार्थना पक्ष दिया गया था. जिसके बाद कोर्ट ने 8.30 करोड़ रुपये की अंडरटेकिंग की शर्त पर कार को रिलीज़ करने का आदेश दिया है.
इनपुट- विवेक राय
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