एक्सप्लोरर

गोरखपुर ने AI से रोकी बाढ़ और कर दिया कमाल, जानें इसका फ्लड मैनेजमेंट कैसे करता है काम

UP News: गोरखपुर के AI अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए पंप बंद होने की घटनाएं 60 प्रतिशत से कम हो गई हैं, क्योंकि अब पंप अपने आप चलते हैं और समय पर उनका अनुरक्षण हो जाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रतिक्रिया समय 10-12 घंटे से घटकर 1-2 घंटे हुआ, पंप बंद होने की घटनाएं 60% कम हुईं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी और फ्लड मॉडलिंग जैसी आधुनिक तकनीकें लोगों की जिंदगी आसान बनाने में मदद कर सकती हैं. वह लगातार इस दिशा में प्रयासरत हैं. उनके इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए गोरखपुर नगर निगम ने AI आधारित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम बनाया है. इस सिस्टम से मानसून के समय पानी भरने की समस्या में 65 प्रतिशत से ज्यादा सुधार हुआ है.

इसके अलावा गोरखपुर में देश का पहला AI-आधारित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (UFMC) भी स्थापित किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय और नीति आयोग ने भी सराहा है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार, UFMC स्थापित करने से 24 घंटे पहले ही वर्षा व जलभराव का पूर्वानुमान 80 प्रतिशत से अधिक सटीक रहा है. ट्रायल फेज में 250 से अधिक शिकायतों में से 70 प्रतिशत का समाधान कुछ घंटों में हो गया. जबकि पूरी प्रणाली की दक्षता में 65 प्रतिशत से अधिक का सुधार देखा गया. 

गोरखपुर मॉडल देशभर के शहरी निकायों के लिए उदाहरण

इस प्रणाली में AI आधारित वर्षा पूर्वानुमान, सेंसर द्वारा पानी का स्तर मापना और स्टॉर्म वाटर मॉडलिंग को एकीकृत किया गया है. जैसे ही जलस्तर बढ़ता है, सेंसर अलर्ट भेज देता है और ऑटोमेटेड पंपिंग सिस्टम तुरंत चालू हो जाता है, जिससे जलभराव वाले इलाकों को तुरंत समाधान मिल जाता है. नीति आयोग ने अपने मूल्यांकन में पाया कि गोरखपुर मॉडल डेटा-आधारित पूर्वानुमान देश के शहरों में आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ा को सकता है. यह मॉडल प्रतिक्रियात्मक (Reactive) वाला ही नहीं, बल्कि पहले से ही तैयारी करने के लिए सक्रिय (Proactive) तरिका है. इससे शहरी प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना गया है.

दो प्रमुख पहलुओं पर किया गया कार्य

इस अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (UFMC ) का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई 2025 को किया था. यह एक स्मार्ट सिस्टम है जो बारिश और बाढ़ के खतरे की पहले से चेतावनी देता है, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलती है. नगर आयुक्त ने बताया कि शहरों में बाढ़ के जोखिम से निपटने के लिए दो प्रमुख पहलुओं पर कार्य किया गया है. पहला, अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम, जो नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए चेतावनी और वास्तविक समय पर सूचना उपलब्ध कराता है. दूसरा, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, जो शहर के लिए दीर्घकालिक योजना और नीति निर्माण में सहायता प्रदान करता है  ताकि भविष्य में बाढ़ प्रबंधन क्षमताओं को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके.

सभी पंपिंग स्टेशनों का पूर्ण ऑटोमेशन

गोरखपुर मॉडल का यह दृष्टिकोण शहर को न केवल वर्तमान आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाता है, बल्कि भविष्य में जनहानि एवं धनहानि के खतरे को भी कम करता है. इस परियोजना के अंतर्गत शहर के सभी महत्त्वपूर्ण नालों, सभी उपकरणों तथा सभी जिम्मेदार अधिकारियों एवं टीमों को उनके संपर्क विवरण सहित मैप किया गया है. शहर में कुल 28 जलभराव हॉटस्पॉट और 85 पॉइंट्स ऑफ इंटरेस्ट चिह्नित किए गए हैं, जो जलभराव की दृष्टि से अधिक संवेदनशील हैं. शहर के सभी पंपिंग स्टेशनों का पूर्ण ऑटोमेशन किया गया है. 24x7 इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो लगातार निगरानी और समन्वय का कार्य करते है. नागरिकों के लिए ग्रीवांस पोर्टल तैयार किया गया है, जिससे किसी भी समस्या की सूचना और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके.

हर 15 मिनट पर मिलती है बारिश से जुड़ी जानकारी

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में नगर निगम द्वारा दो ऑटोमैटिक रेन गेज भी लगाए गए हैं, जो हर 15 मिनट पर बारिश से जुड़ी जानकारी देते हैं. प्राइमरी व सेकंडरी नालों पर कुल 110 ऑटोमैटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं. ये सेंसर हर 2 से 15 मिनट में जलस्तर से संबंधित सूचनाएं भेजते हैं. जब नालों में जलस्तर 80 प्रतिशत से अधिक हो जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को ऑटोमेटेड अलर्ट्स पहुंचने लगते हैं. जब संप वेल्स में जलस्तर 60 प्रतिशत से अधिक होता है, ऑटोमेटिक सिस्टम के माध्यम से पंप स्वतः चालू हो जाते हैं. ईंधन की कमी और पंप के रखरखाव से संबंधित चेतावनियां भी अधिकारियों को समय रहते मिल जाती हैं.

यूएफएमसी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति

अब सवाल है कि गोरखपुर का अर्बन फ्लड मॉडल बारिश से पहले यह पता लगा लेता है कि अगले दिन शहर के किन क्षेत्रों में जलभराव हो सकता है? इसके 3 स्टेप हैं, जिसमें पूर्वानुमान करना, तैयार रहना, और सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल हैं. इस पूर्वानुमान के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती है, ताकि वे समय रहते तैयारी कर सकें.

मोबाइल पंपों व सक्शन मशीनों की व्यवस्था पहले से की जाती है. वर्षा की मात्रा और समय को लेकर एक दिन पहले ही वॉकी-टॉकी के माध्यम से सभी अधिकारियों और फील्ड टीमों को चेतावनी भेज दी जाती है. इसका साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सभी पंप सही ढंग से कार्य कर रहै हैं या नहीं और नाले कहीं से जाम तो नहीं.

जलभराव की शिकायतों पर प्रतिक्रिया का समय अब काफी कम

वर्षा जैसे ही शुरू होती है, UFMC का 24x7 आपातकालीन कंट्रोल रूम सक्रिय हो जाता है. नियंत्रण कक्ष से घोषणा कर बताया जाता है कि कौन-कौन से नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं, कौन से पॉइंट्स ऑफ इंटरेस्ट उच्च जोखिम में हैं या जलमग्न हो चुके हैं, किन हॉटस्पॉट्स पर मोबाइल पंपों को तुरंत चालू किया जाना चाहिए और किन क्षेत्रों में सक्शन मशीनें तैनात की जानी चाहिए. इससे फील्ड टीमें पूरी तरह सतर्क रहती हैं और उन्हें यह पता होता है कि कहां और क्या कार्रवाई करनी है

शहर के जिन पंपिंग स्टेशनों के संप वेल्स में जलस्तर 60 प्रतिशत से अधिक होता है, उन्हें कंट्रोल रूम से स्वचालित रूप से चालू कर दिया जाता है. यह प्रणाली पिछले 4 महीनों से चल रही है और इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे हैं. मसलन, जलभराव की शिकायतों पर प्रतिक्रिया का समय काफी कम हुआ है. पहले 10–12 घंटे लगते थे, अब यह समय 1-2 घंटे से कम हो गया है, खासकर उन जगहों पर जहां पर बार-बार जलभराव होता था. 

पंप बंद होने के मामलों में आई 60 प्रतिशत की कमी

इस प्रणाली से पंप बंद होने की घटनाएं 60 प्रतिशत से कम हो गई हैं, क्योंकि अब पंप अपने आप चलते हैं और समय पर उनका अनुरक्षण हो जाता है. 250 से ज़्यादा लोगों ने शिकायतें दर्ज कीं, जिनमें से 70 प्रतिशत से ज़्यादा शिकायतों का हल तुरंत और सही तरीके से किया गया. रीयल टाइम अलर्ट और जल्दी चेतावनी की वजह से कई पुराने जलभराव वाले इलाकों में इस बार बाढ़ नहीं आई. टेक्नोलॉजी से क्षमता एवं दक्षता की वृद्धि हुई है, जिससे टीमें जल्दी और मिलकर काम कर पा रही हैं.
 
पंपिंग स्टेशन अब ऑटोमैटिक हो गए हैं, जिससे मैनुअल काम कम हुआ है और नतीजे ज़्यादा भरोसेमंद साबित हुए हैं. इस नई पहल के माध्यम से गोरखपुर नगर निगम ने न केवल जलभराव की समस्या को कम किया है, बल्कि जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार किया है.
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UPSSSC एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 377 अभ्यर्थी का सेलेक्शन
UPSSSC एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 377 अभ्यर्थी का सेलेक्शन
UP News: योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बनाया स्मार्ट, ओटीआर से बढ़ेगी पारदर्शिता
योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बनाया स्मार्ट, ओटीआर से बढ़ेगी पारदर्शिता
मेरठ के व्यापारियों को बड़ा झटका, SC ने सेंट्रल मार्केट के 44 भवनों पर कार्रवाई बरकरार रखी
मेरठ के व्यापारियों को बड़ा झटका, SC ने सेंट्रल मार्केट के 44 भवनों पर कार्रवाई बरकरार रखी
तिहाड़ की सलाखों के पीछे से चल रहा था गन सिंडिकेट, थार से डिलीवर होती थी 'मेड इन इटली' पिस्टल्स
तिहाड़ की सलाखों के पीछे से चल रहा था गन सिंडिकेट, थार से डिलीवर होती थी 'मेड इन इटली' पिस्टल्स

वीडियोज

Salman Khan की Maatrubhumi पर फिर संकट! रिलीज़ से पहले 40% फिल्म दोबारा शूट
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? #nitingadkari #e20fuel #autolive
Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Weather Forecast Today: दिल्ली-यूपी और हरियाणा-पंजाब में आज होगी बारिश? मौसम विभाग ने जारी कर दिया ताजा अलर्ट
दिल्ली-यूपी और हरियाणा-पंजाब में आज होगी बारिश? मौसम विभाग ने जारी कर दिया ताजा अलर्ट
बागियों को आसानी से शिंदे गुट में शामिल नहीं होने देंगे उद्धव ठाकरे! अब उठाया यह बड़ा कदम
बागियों को आसानी से शिंदे गुट में शामिल नहीं होने देंगे उद्धव ठाकरे! अब उठाया यह बड़ा कदम
Shubman Gill Statement: इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे जीतकर बोले कप्तान शुभमन गिल- 'हम पर दबाव था, लेकिन...'
इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे जीतकर बोले कप्तान शुभमन गिल- 'हम पर दबाव था, लेकिन...'
बिहार पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा फेरबदल, 22 DSP अधिकारियों का ट्रांसफर; कई SDPO बदले गए
बिहार पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा फेरबदल, 22 DSP अधिकारियों का ट्रांसफर; कई SDPO बदले गए
बांकीपुर में BJP ने झोंकी ताकत, स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, नितिन नवीन सहित 40 नाम
बांकीपुर में BJP ने झोंकी ताकत, स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, नितिन नवीन सहित 40 नाम
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई, बताया सारा सच
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई
पुणे के लड़के का कारनामा, चौराहे पर लगवाया पोस्टर; लिखा- न फ्लैट-न गाड़ी, चाहिए एक सुंदर लाड़ी
पुणे के लड़के का कारनामा, चौराहे पर लगवाया पोस्टर; लिखा- न फ्लैट-न गाड़ी, चाहिए एक सुंदर लाड़ी
अब रिमूवेबल बैटरी के साथ क्यों नहीं आते फोन? खुल गया यह बड़ा राज
अब रिमूवेबल बैटरी के साथ क्यों नहीं आते फोन? खुल गया यह बड़ा राज
Embed widget