चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी, रजिस्ट्रेशन के लिए बने 20 काउंटर
Char Dham Yatra 2026: जिलाधिकारी के अनुसार ऋषिकुल मैदान में 20 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बिना ऑनलाइन पंजीकरण वाले श्रद्धालु भी आसानी से यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकें.

- सुगम और सुरक्षित यात्रा हेतु विस्तृत तैयारी की जा रही.
चारधाम यात्रा के शुभारंभ में अब महज कुछ दिन शेष रह गए हैं. 19 अप्रैल से इस यात्रा का विधिवत आगाज होने जा रहा है. इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. यात्रा को लेकर हरिद्वार से लेकर पर्वतीय जिलों तक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. प्रशासन इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटा हुआ है. हरिद्वार में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं.
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, ऋषिकुल मैदान में 20ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बिना ऑनलाइन पंजीकरण वाले श्रद्धालु भी आसानी से यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें. उन्होंने बताया कि यदि यात्रियों की संख्या अधिक बढ़ती है, तो इन काउंटरों की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है. प्रशासन का मुख्य फोकस इस बार यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर है.
हरिद्वार में व्यवस्थाओं पर खास ध्यान
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके. खासतौर पर हरिद्वार में व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है क्योंकि यह यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है. डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है. इसके अलावा व्यापारियों, होटल संचालकों और अन्य हितधारकों के साथ भी कई दौर की बैठकें की जा चुकी हैं. इन बैठकों में यात्रा के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
मेडिकल टीमों की भी तैनाती
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है. जगह-जगह मेडिकल टीमों की तैनाती, एंबुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है. इसके साथ ही ट्रैफिक प्लान को इस तरह से तैयार किया गया है कि यात्रियों को जाम की समस्या से न जूझना पड़े. हरिद्वार प्रशासन का दावा है कि इस बार पहले के मुकाबले बेहतर व्यवस्थाएं देखने को मिलेंगी. श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है.
प्रशासन की कोशिश है कि चारधाम यात्रा न केवल आस्था का केंद्र बने, बल्कि व्यवस्थाओं के लिहाज से भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करे. कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की इस आस्था यात्रा को सफल और सुव्यवस्थित बनाया जा सके.
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Source: IOCL


























