ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता पर लापरवाही महंगी पड़ी, कंपनी पर लगा जुर्माना, रकम सुन उड़ जाएंगे होश
Noida News: यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई. विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने बताया कि यह जुर्माना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत लगाया गया है.

ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित बनाने के प्रयासों में प्राधिकरण ने अब सख्त रुख अपना लिया है. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कचरे के समुचित प्रबंधन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अब जुर्माना लगाया जा रहा है. इसी क्रम में शनिवार को सेक्टर ईकोटेक-3 स्थित स्टेरिआन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर 40,500 का जुर्माना लगाया गया.
यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई. विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने बताया कि यह जुर्माना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत लगाया गया है, क्योंकि संबंधित कंपनी द्वारा कूड़े के निष्पादन और प्रक्रिया को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी. विभाग के निरीक्षक संजीव विधूड़ी और उनकी टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कंपनी अपने कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं कर रही थी, जिससे आसपास के पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी.
दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
इस पर कार्रवाई करते हुए कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जुर्माने की रकम तीन कार्य दिवस के भीतर जमा कराई जाए. साथ ही यह भी हिदायत दी गई कि भविष्य में यदि कूड़ा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन दोबारा किया गया, तो और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे. यह कार्रवाई प्राधिकरण के उस मजबूत संदेश का हिस्सा है, जिसमें कहा गया है कि स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में ऐसे और भी निरीक्षण किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाएगा. यह कदम न सिर्फ पर्यावरणीय सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देने वाला भी है.
संस्थान कचरा प्रबंधन पर गंभीर रहें
इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने सभी बल्क वेस्ट जेनरेटरों को चेतावनी दी है कि वे अपने संस्थानों में कचरे के प्रबंधन की जिम्मेदारी को गंभीरता से लें. उन्होंने अपील की कि सभी संस्थाएं मिलकर शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित बनाए रखने में योगदान दें.
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