ग्रेटर नोएडा सेक्टर अल्फा-2 में नलों से आ रहा सीवर मिला दूषित पानी, बीमारियों से बढ़ी दहशत
Noida News: सेक्टर अल्फा-2 आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र मावी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से बी, सी, एच और आई ब्लॉक में पीने के पानी के साथ सीवर का पानी मिलकर आ रहा है.

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फ़ा-2 में स्वच्छ पेयजल की जगह गंदा, बदबूदार और दूषित पानी सप्लाई होने से निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थिति इतनी गंभीर है कि कई लोग बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की चुप्पी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है.
सेक्टर अल्फा-2 आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र मावी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से बी, सी, एच और आई ब्लॉक में पीने के पानी के साथ सीवर का पानी मिलकर आ रहा है. मावी का आरोप है कि मैन सप्लाई में ही सीवर का पानी घुल जाने से घरों में एकदम काला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है. मंगलवार को एच ब्लॉक के कई घरों में तो पानी की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि लोग नहाने, कपड़े धोने तो दूर, हाथ धोने तक से परहेज कर रहे थे.
बच्चों और बुजुर्गों में बढ़ी बीमारियां
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी है, जो प्रेशर खुलने पर बार-बार डैमेज हो जाती है. पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त हिस्सों से सीवर का पानी सीधे पीने के पानी में मिल जाता है. इस कारण बच्चों और बुजुर्गों में पेट संबंधी बीमारियां फैल रही हैं, और कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
लोगों ने बताया कि इस समस्या की शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ और ओएसडी तक को दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो पाइपलाइन की मरम्मत की गई और न ही पानी की सप्लाई का स्रोत साफ किया गया.
समाधान न होने पर आन्दोलन की चेतावनी
निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि पीने के पानी में सीवर का मिश्रण केवल असुविधा नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य खतरा है, और प्राधिकरण को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















