Tiger Mosquito: गोरखपुर में CM योगी के इस प्लान से कम होगा मच्छरों का हमला, डबल सेंचुरी पार हुए डेंगू के मामले
गोरखपुर जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 200 पार हो गई है. ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू के 79 मामलों ने स्वास्थ्य महकमा को चिंता में डाल दिया है. 25 घंटों के दौरान 5 मरीज डायग्नोस हुए हैं.

Gorakhpur Dengue Case: गोरखपुर में टाइगर मच्छर से डेंगू का डंक लोगों को लगातार बीमार बना रहा है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है. जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या ने अब तक डबल सेंचुरी पार कर ली है. ऐसा लग रहा है कि फॉगिंग के नाम पर महज कोरम पूरा हो रहा है. वरिष्ठ चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरएन सिंह का दावा है कि ड्रोन से फॉगिंग कराने पर माफिया की तरह मच्छर पर काबू पाया जा सकता है. जापानी इंसेफेलाइटिस को खत्म करने में सीएम योगी के गेम चेंजर प्लान 4-T को फिर से लागू करने की तैयारी है.
सीएम योगी के गेम चेंजर प्लान को लागू करने की तैयारी
गोरखपुर जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 200 पार हो गई है. शहरी यानी नगर निगम क्षेत्र में जनवरी से अब तक 129 केस सामने आए हैं. ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू के 79 मामलों ने स्वास्थ्य महकमा को चिंता में डाल दिया है. 25 घंटों के दौरान 5 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में डायग्नोस हुए हैं. मरीजों की बढ़ती संख्या ने अधिकारियों की चिंता भी बढ़ा दी है. अब सीएम योगी के गेम चेंजर प्लान 4-T को लागू करने की तैयारी है. स्वास्थ्य महकमा TRESS, TEST, TREAT & TRACK के फार्मूले का प्रयोग करेगा.
जापानी इंसेफेलाइटिस के खिलाफ कई बरसों तक अभियान चलाने वाले वरिष्ठ चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरएन सिंह का कहना है कि गोरखपुर में प्रदेश सरकार ने माफिया पर अंकुश पा लिया है. उनका निवेदन है कि माफिया की तरह मच्छर का भी सफाया होना चाहिए. डेंगू ने विकराल रूप ले लिया है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में भी मरीज मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि मशीन से फॉगिंग करा पाना संभव नहीं है. मच्छरों पर काबू पाने के लिए ड्रोन से फॉगिंग करानी होगी. छतों, पार्क और रामगढ़ताल जैसे क्षेत्र में मशीन से फॉगिंग करा पाना संभव नहीं है.
डॉक्टर आरएन सिंह कहते हैं कि चार ड्रोन आने से चार दिन के अंदर पूरे शहर में फॉगिंग की जा सकती है. मैनपावर से फॉगिंग करा पाना संभव नहीं है. सीएम योगी ने स्वास्थ्य पर काफी अच्छा काम किया है. ड्रोन से एरियल फॉगिंग कराने पर डेंगू के साथ जेई-एईएस, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियां नहीं होगी. ड्रोन कम समय में अधिक क्षेत्रफल तक सभी मच्छरों पर काबू पा लेगा. माफिया की तरह मच्छरों पर भी काबू हो जाएगा. उनका कहना है कि डेंगू का वाहक मच्छर है. वायरस को नहीं मारा जा सकता है. लेकिन वायरस को फैलाने वाले मच्छरों को मारा जा सकता है.
डेंगू के मरीजों की संख्या ने अब तक डबल सेंचुरी पार की
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि डेंगू मरीजों की संख्या 200 के पार हो गई है. उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में 9 मरीज भर्ती हैं. घर में अन्य लोगों का इलाज हो रहा है. दावा है कि नगर निगम की टीम फॉगिंग कर रही है. इसके साथ ही डेंगू से बचाव के उपाय की भी जानकारी दे रही है. निगरानी समिति बुखार की सूचना मिलने पर बुखार की दवा और ओआरएस का पाउडर देने के साथ गंभीर मरीजों को चिकित्सालय में भर्ती करा रही है. उन्होंने बताया कि डेंगू से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है. उनकी सलाह है कि झोलाछाप डॉक्टरों से दवाएं ना लें. इसके साथ ही स्टेरायड देने से भी केसेज बिगड़ जाते हैं. ऐसे में बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और जिला चिकित्सालय के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही डॉक्टरों से संपर्क करें.























