गाजीपुर एनकाउंटर पर NDA में दरार! संजय निषाद बोले- 'शाही ब्राह्मणों के साथ हैं तो हम बिंद समाज के साथ'
Ghazipur Encounter COntroversy: संजय निषाद ने दावा किया कि वे पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि आज तक जब कभी दुर्दांत अपराधी मारा गया, तो हमने कभी कोई विरोध नहीं किया.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बीते दिनों हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है,जिस पर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "अगर सूर्य प्रताप शाही ब्राह्मण के साथ है तो हम भी अपने समाज बिन्द के साथ हैं." उन्होंने पुलिस द्वारा बिना जांच के इस तरह की सजा पर ऐतराज जताया और कहा कि पार्टी को इसका नुकसान आने वाले विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ सकता है.
संजय निषाद ने दावा किया कि वे पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि आज तक जब कभी दुर्दांत अपराधी मारा गया, तो हमने कभी कोई विरोध नहीं किया. लेकिन यह पुलिस ने गलत किया है. उस पर इतने गंभीर आरोप नहीं है. जबकि मुख्य आरोपी ब्राहमण है, इसलिए उसका एनकाउंटर नहीं हुआ.
मुख्यमंत्री से मिलकर मुद्दा उठाया
संजय निषाद ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस मामले पर अपनी राय और परिवार की मांग बता दी है. जिस पर उन्होंने संज्ञान लेकर आगे कार्रवाई की बात कही है. कैबिनेट मंत्री संजय निषाद खासकर सूर्य प्रताप शाही के बयान पर ख़ासा नाराज हैं, जिन्होंने राय का पक्ष लिया. स्पष्ट कहा कि अगर समाज नाराज हो गया तो आने वाले चुनाव में वोट कौन देगा. अगर वो अपने समाज के साथ हैं तो हम अपने समाज के साथ.
संजय निषाद ने बताया कि जल्द ही हम पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे, हमारे कार्यकर्ताओं ने संपर्क किया है.बोले अगर परिवार ने पुलिस पर सवाल उठाया है तो उसकी जांच होनी चाहिए. ऐसे किसी को थोड़े ही मार देंगे.
29 मई को होटल मालिक के बेटे की हुई थी हत्या
यह पूरा प्रकरण 39 मई को गाजीपुर में होटल मालिक के बेटे विनीत राय की अपहरण और हत्या से जुडा है.इस मामले में कमलेश बिंद को आरोपी बताते हुए पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया. जिसके बाद परिवार वालों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है. यही नहीं परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया था. अब इस मामले पर राजनीति शुरू हो चुकी है. सपा ने इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ निषाद पार्टी को भी घेरा है.
























