Ghaziabad News: गाजियाबाद में दूध व्यापारी अपहरण कांड में 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, उगले राज
Ghaziabad News In Hindi: गाजियाबाद के लोनी में दूध व्यापारी ओमकार को गोली मारकर गंगनहर में फेंकने वाले 50 हजार के इनामी आरोपी मोहित पंडित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

गाजियाबाद के लोनी इलाके में 30 मई को दूध व्यवसायी ओमकार को दिनदहाड़े आधा दर्जन से अधिक गोलियां मारकर अपहरण करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने पांच आरोपियों में से एक 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मोहित पंडित को गिरफ्तार कर लिया है. एबीपी न्यूज़ पर इस मुख्य आरोपी ने न सिर्फ पूरे घटनाक्रम का राज खोला है, बल्कि साल 2025 से रची जा रही इस खौफनाक साजिश को भी बेनकाब किया है.
लोनी क्षेत्र के गनौली गांव निवासी दूध व्यवसायी ओमकार 30 मई की अल सुबह घर से निकले थे. तभी घात लगाए बैठे पांच बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. गिरफ्तार आरोपी मोहित पंडित ने खुलासा किया है कि गोली मारने के बाद वे लोग खून से लथपथ ओमकार को गाड़ी की डिग्गी में डालकर बागपत के रोहटा पहुंचे. वहां ले जाकर उन्होंने ओमकार को गंग नहर में फेंक दिया.
सर्च ऑपरेशन जारी: बागपत की गंग नहर में ओमकार को तलाशने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और यूपी पीएसी की फ्लड टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन अब तक ओमकार का कुछ पता नहीं चल सका है.
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2025 की रंजिश और बदले की आग
इस खौफनाक वारदात की जड़ें साल 2025 से जुड़ी हुई हैं. दरअसल, 2025 में गनौली गांव में ही 'अंकुर' नाम के युवक की हत्या कर उसका शव गंग नहर में फेंक दिया गया था. अंकुर मौजूदा वारदात के पांच मुख्य आरोपियों में से एक का भाई था. अंकुर की हत्या 'शैंकी' नाम के शख्स ने की थी. हाल ही में जब शैंकी जेल से छूटकर बाहर आया, तो ये पांचों आरोपी उसकी तलाश में लग गए.
पंचायत में चले थप्पड़ बने वारदात की तात्कालिक वजह
20 मई को इन बदमाशों को अंदेशा हुआ कि शैंकी का भाई कार से जा रहा है. उन्होंने कार का पीछा किया, लेकिन कार में शैंकी का भाई नहीं, बल्कि ओमकार का बेटा देवांश था. देवांश ने जैसे-तैसे गांव के एक घर में घुसकर अपनी जान बचाई थी.
इस घटना के बाद 29 मई को गांव में पंचायत बुलाई गई. पंचायत में विवाद इतना बढ़ा कि देवांश के पिता ओमकार ने आरोपी सौरभ और उसके पिता विजेंद्र पर सरेआम थप्पड़ों की बारिश कर दी. सरेआम हुई इस बेइज्जती से आरोपी आगबबूला हो गए. उन्होंने रातों-रात अपने परिवार को गांव से बाहर सुरक्षित भेज दिया और ओमकार की रेकी शुरू कर दी. अगले दिन 30 मई की सुबह जैसे ही ओमकार गांव से बाहर निकला, उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला. फिलहाल पुलिस बाकी फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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