सऊदी अरब में यूपी के लाल की मौत, 45 दिन से शव का इंतजार
Siddharthnagar News In Hindi: सिद्धार्थनगर के रिजवान की सऊदी अरब में मौत को डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन शव अब तक भारत नहीं आ सका है. अंतिम दर्शन को तरस रही मां ने PM मोदी से मदद की गुहार लगाई है.

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. इटवा तहसील क्षेत्र के डोकम अम्या गांव निवासी 42 वर्षीय रिजवान अहमद की सऊदी अरब के नजरान (Najran) शहर में 22 जून को मौत हो गई थी. इस दुखद घटना को लगभग डेढ़ महीना (करीब 45 दिन) बीत चुका है, लेकिन उनका पार्थिव शरीर अब तक भारत नहीं पहुंच सका है.
बेटे के अंतिम दर्शन की आस लगाए बुजुर्ग मां आज भी घर की दहलीज पर टकटकी लगाए बैठी है. पूरा परिवार गहरे सदमे में डूबा हुआ है और केंद्र व राज्य सरकार से शव को जल्द से जल्द भारत लाने की गुहार लगा रहा है.
रोजी-रोटी के लिए एक साल पहले गया था सऊदी अरब
परिजनों के मुताबिक, रिजवान अहमद घर का बड़ा बेटा था और परिवार के भरण-पोषण के लिए 1 साल पहले ही सऊदी अरब के नजरान शहर में काम करने गया था. परिवार में उनका छोटा भाई रेहान रजा एक विद्यालय में शिक्षक है, जबकि पिता अतहर भी पहले सऊदी अरब में मजदूरी कर चुके हैं.
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जानकारी के अनुसार, 22 जून को रिजवान को अचानक सीने/पेट में तेज दर्द उठा था. उनके साथ रह रहे साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. परिवार को उम्मीद थी कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद कुछ ही दिनों में शव गांव पहुंच जाएगा, लेकिन डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी पार्थिव शरीर वतन नहीं लौट सका है.
प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री तक लगाई गुहार
शव को भारत लाने के लिए रिजवान के घरवालों ने सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार से मदद की अपील की है. परिवार का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस समाधान या तारीख नहीं मिल पाई है.
मां रजिया बेगम की गुहार
जवान बेटे के वियोग में मां रजिया बेगम का रो-रोकर बुरा हाल है. आंखों में आंसू लिए उन्होंने कहा, "मैं बस अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा देखना चाहती हूं. मेरी इच्छा है कि पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार अपने गांव की मिट्टी में हो." परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं और रोज इस उम्मीद में सुबह होती है कि शायद आज एंबेसी से शव आने की खबर मिल जाए.
परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) से पुरजोर मांग की है कि भारतीय दूतावास (Indian Embassy) और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कराई जाएं, ताकि रिजवान का पार्थिव शरीर उनके घर लाया जा सके और परिवार उन्हें अंतिम विदाई दे सके.
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