ऐसे करें इनकम टैक्स रिफंड के स्टेटस को चेक...
हाल ही में आयकर विभाग द्वारा टैक्स रिफंड प्राप्त करने के लिए बैंक अकाउंट को टैक्स अकाउंट से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है।

नई दिल्ली, एबीपी गंगा। असल टैक्स से ज्यादा टैक्स के भुगतान पर करदाता को आयकर रिफंड मिलता है। अक्सर करदाता सेल्फ असेसमेंट टैक्स में गलती के कारण ज्यादा टैक्स का भुगतान कर देते हैं। इसके अलावा करदाताओं से टैक्स डिडक्शन या एडवांस टैक्स जमा करने पर भी गलती हो जाती है। अगर कोई ऐसी कटौती या छूट है जिसे करदाता ने क्लेम नहीं किया है उसका भी रिफंड करदाता को मिलता है। हाल ही में आयकर विभाग द्वारा टैक्स रिफंड प्राप्त करने के लिए बैंक अकाउंट को टैक्स अकाउंट से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सीपीसी के जरिए ऑटो मोड से रिफंड की प्रोसेसिंग करने के लिए बहुत से तरीके लागू किए हैं। हालांकि कई बार ऐसा भी हुआ है जब टैक्स का रिफंड मिलने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना बेहद जरूरी है। रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरीफाई भी कराना होगा। इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2019 थी हालांकि करदाता लेट फीस के साथ रिटर्न अब भी फाइल कर सकते हैं।
इनकम टैक्स रिफंड चेक करने का तरीका यहां हम आपको बताएंगे कि कितनी आसानी से आप अपना इनकम टैक्स रिफंड चेक कर सकते हैं।
- करदाता सबसे पहले https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाएं। अपना रिफंड स्टेटस पता करने के लिए यहां जानकारी देने की भी जरूरत है। जानकारी में आपको पैन नंबर, जिस साल का रिफंड बाकी है वह साल भरना होगा।
- करदाताओं को इनकम टैक्स पोर्टल में अपने इनकम टैक्स खाते में लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद माय अकाउंट्स> रिफंड/डिमांड स्टेटस पर क्लिक करें। इसके बाद वह असेसमेंट ईयर भरें जिसका आपको रिफंड स्टेट चेक करना है।
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Source: IOCL
























