यूपी: कोरोना का टीका आया नहीं, पंजीकरण कराने को आने लगी फर्जी फोन कॉल
कोरोना वैक्सीन के नाम पर कई फर्जी कॉल आ रही हैं. टीके का नाम पर आधार कार्ड, डिटेल तक मांगी जा रही है. वहीं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया है कि हम ऐसी कोई भी कॉल नहीं कर रहे हैं, लोग किसी के झांसे में न आएं.

गोरखपुर: वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए जहां पूरी दुनिया एक हो गई है तो वहीं इस महामारी में भी कारगुजारी करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. कोरोना वैक्सीन आने के पहले ही लोगों के पास पंजीकरण कराने के लिए फर्जी फोन काल आ रही हैं. उनसे पंजीकरण कराने के नाम पर जालसाज फोन कर रहे हैं. उनसे टीकाकरण के नाम पर आधार कार्ड, डीटेल और मोबाइल पर आए ओटीपी की मांग की जा रही है. इसमें बड़े फ्रॉड की भी आशंका है.
अलर्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग
गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस भी इस फर्जी फोन काल को लेकर अलर्ट है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे किसी भी फोन काल पर आधार कार्ड, डीटेल और मोबाइल पर ओटीपी नहीं भेजने की अपील की गई है. गोरखपुर ही नहीं जालसाज पूरे यूपी में इस तरह के फोन काल कर लोगों से डीटेल मांग कर पंजीकरण कराने की बात कर रहे हैं. ऐसे में बड़े फ्रॉड की आशंका को भी बल मिल रहा है. गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वह इस तरह की किसी भी फोन कॉल्स के बहकावे में नहीं आएं.
नहीं की जा रही है कोई भी कॉल
क्योंकि कोविड वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी तरह के फोन कॉल्स स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नहीं किए जा रहे हैं. न ही लोगों से ओटीपी मांगी जा रही है. जनवरी के तीसरे हफ्ते में टीका आने के बाद उन फ्रंटलाइन वारियर्स को टीका लगाया जाएगा, जो सीधे तौर पर इस बीमारी से दो-दो हाथ कर रहे हैं. गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए कहीं से न तो कोई कॉल की जा रही है और न ही जनसामान्य का पंजीकरण किया जा रहा है.
अभी तक सिर्फ सरकारी और निजी क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की प्रामाणिक सूची के आधार पर उन्हीं का पंजीकरण हुआ है. पंजीकरण करने के लिए कोई कॉल आए तो किसी भी प्रकार की जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है. टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर जानकारी देने वाले साइबर क्राइम का शिकार हो सकते हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ऐसे प्रकरण संज्ञान में आ रहे हैं, जिनमें कोविड टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है.
हालांकि जनपद में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है. फिर भी लोगों को सतर्क रहना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि फ्रॉड करने वाले कोविड टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर फोन करके आधार कार्ड और ई-मेल आईडी का विवरण मांगते हैं. आधार कार्ड का विवरण देने के बाद उसके वेरीफिकेशन के नाम पर ओटीपी की मांग करते हैं. जैसे ही सामने वाला ओटीपी देता है, आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते से रकम उड़ जाती है. इसलिए टीकाकरण के नाम पर फोन के जरिए कोई भी विवरण मांगा जा रहा हो, तो उपलब्ध करवाने की आवश्यकता नहीं है.
लोग झांसे में न आएं
गोरखपुर के एडीजी जोन (अपर पुलिस महानिदेशक) दावा शेरपा ने बताया कि कोरोना वैक्सीन को लेकर ऑनलाइन फ्रॉड की बात सामने आई है. ऑनलाइन पैसा जमा करान और आधार का डीटेल भी मांगा जा रहा है. इसके बाद घर में आकर वैक्सीन लगाने की बात आ रही है. ऐसे लोगों के झांसे में लोग आए भी है. लोगों से अपील है कि ऐसे लोगों के झांसे में न आएं. उन्होंने बताया कि अभी आनलाइन कोविड की वैक्सीन बांटने या लगवाने की अपील किसी भी कंपनी या सरकार की ओर से नहीं की गई है.
दावा शेरपा ने कहा कि लोग वैक्सीन लगवाने को लेकर आतुर हैं. ऐसे में इस तरह के तत्व इसका फायदा उठाना चाहते हैं. वे लोगों से अपील करते हुए कहते हैं कि किसी भी माध्यम से वैक्सीन लगाने की बात कही जा रही है, तो वो पूरी तरह से फर्जी है. वो फ्रॉड करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. इससे बचने की जरूरत है. जब वैक्सीन लगना वास्तव में लगनी शुरू होगी, तो हम सभी को सूचित करेंगे. हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से वैक्सीन लगाने के लिए जो भी व्यवस्था देनी है. क्योंकि भीड़भाड़ भी हो सकती है.
पुलिस तैयार है
उन्होंने कहा कि कई ऐसे तत्व है अवांछित जो फर्जी या डुप्लीकेट के नाम पर किसी को कुछ भी लगा सकते हैं. ऐसा न होने पाए इसके लिए पुलिस तैयार है. आनलाइन कुछ भी कर रहे हैं, उनकी बातों में नहीं आएं. आनलाइन फ्रॉड की धाराओं में ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि जल्द ही वैक्सीन आने वाली है, तो ऐसे तत्व और सक्रिय होंगे और लोगों को लपेटे में लेने की कोशिश करेंगे. जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध होने वाला है. इसके स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट को लेकर व्यापक व्यवस्था पुलिस की ओर से व्यवस्थित ढंग से लगवाने के लिए निर्देर्शित भी किया गया है. क्या-क्या व्यवधान उत्पन्न होंगे, इसे लेकर भी वे तैयार हैं.
ऑनलाइन और फोन के माध्यम से ऐसा फ्रॉड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साइबर सेल और सर्विलांस की टीम को भी सक्रिय किया है. जिससे शुरुआती कोशिश में ही इन्हें पकड़ा जा सके. उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगने के समय में ऐसे तत्व सामने आएंगे. ऐसा अंदेशा है. दावा शेरपा ने कहा कि वैक्सीन लगने के समय नेपाल और बिहार के लोग भी यहां पर आ सकते हैं. ऐसे में जब दोहरी डोज लगनी है. तो उनके आधार कार्ड और अन्य कागजात को जांचने के साथ ही प्राथमिकता भी तय की जाएगी.
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