तय वक्त से पहले खत्म हुआ यूपी विधानसभा का बजट सत्र, विपक्ष ने सरकार को घेरा
यूपी विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को खत्म हो गया। दूसरी तरफ विपक्ष ने सरकार द्वारा समय से पहले सत्र खत्म किये जाने को लेकर सवाल उठाया है

लखनऊ, अनुभव शुक्ला। यूपी विधानसभा का बजट सत्र आज समाप्त हो गया हालांकि यह बजट सत्र 7 मार्च तक प्रस्तावित था लेकिन आज सदन में सरकार ने सारे विधेयक सारे अनुदान पास करा लिये और सत्र खत्म हो गया। इसे लेकर विपक्ष ने सदन में ही धरना दिया। और सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बचना चाहती हैं इसीलिए यह कदम उठाया है।
उत्तर प्रदेश का विधानसभा सत्र 13 फरवरी से शुरू हुआ था। उससे पहले जो कार्य मंत्रणा की बैठक हुई थी उसमें यह साफ तौर पर कहा गया था कि यह बजट सत्र 7 मार्च तक चलेगा। विधानसभा में 18 फरवरी को बजट पेश हुआ। उसके बाद अलग-अलग विभागों के बजट पर चर्चा प्रस्तावित थी। कुछ विभागों के बजट पर चर्चा हुई लेकिन आज अचानक ही सरकार ने सदन में सारे विधेयक, सारे संशोधन, सारे अनुदान पास करा लिए और उसके बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सरकार जब सदन में धड़ाधड़ विधेयक पास कर रही थी तो विपक्ष ने इस पर सवाल खड़े किए। सदन के भीतर ही सपा, बसपा, कांग्रेस ने सवाल किया कि जब कार्य मंत्रणा की बैठक में 7 मार्च तक सत्र चलाने पर बात हुई है तो आखिर सरकार को इतनी जल्दी क्यों है। लेकिन भला सरकार कहां मानने वाली उसने तो सारे प्रस्ताव पास कराये और सदन का समापन हो गया। इसे लेकर समाजवादी पार्टी इतनी नाराज हुई उसके सभी विधायक मुंह पर पट्टी बांधकर सदन के भीतर ही धरने पर बैठ गए।
बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने तो सरकार के इस फैसले के खिलाफ सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल अराधना मिश्रा का साफ तौर पर कहना है कि जिस तरीके से आनन-फानन में ये बजट पास कराया गया है ये असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। सरकार चर्चा से बचना चाहती है। इसलिए कांग्रेस के सदस्य भी धरने पर बैठे।
























