'ये गाइडलाइंस अव्यावहारिक थीं', UGC के नए नियमों पर सुप्रीप कोर्ट की रोक पर बोले BJP सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी
Supreme Court on UGC Rules: सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने इन्हें अव्यवहारिक बताया.

यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, कोर्ट ने कहा कि भी 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे. कोर्ट के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी की प्रतिक्रिया आई हैं. उन्होंने कहा कि ये गाइडलाइंस अव्यवहारिक थीं, हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.
बीजेपी सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने यूजीसी नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एबीपी न्यूज़ से बात की और कहा कि ये गाइडलाइंस अव्यावहारिक थी, सर्वोच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करके उस पर रोक लगा दी है. अब जो भी न्यायालय का निर्णय होगा उसके हिसाब से कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो इस पर फैसले का इंतज़ार करना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर रोक
यूजीसी के नए नियमों को देशभर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा था. यूपी में ख़ासतौर से सवर्ण सेना और करणी सेना की ओर से जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहा था. जिसके बाद इस विरोध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करने इन नियमों को वापस लिए जाने की माँग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट में आज यूजीसी के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने आदेश दिया कि अभी 2012 की गाइडलाइंस ही जारी रहेंगी. कोर्ट ने सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा है. मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्ति नहीं दिला पाए हैं. हमें इस बात को सोचना होगा कि क्या नए नियमों से हम और पीछे की ओर जा रहे हैं? संविधान में सबको सरंक्षण दिया गया है, सभी नागरिकों की रक्षा होना चाहिए लेकिन नया नियम भ्रमित करता है. इससे समाज में और भेदभाव बढ़ेगा. इसमें सिर्फ एससी, एसटी और ओबीसी की बात की गई है.




















