'देर आए, दुरुस्त आए...', धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी
Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा मुझे उम्मीद है कि अब भारतीय शिक्षा जगत में जल्द ही शांति स्थापित होगी.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने प्रतिक्रिया दी है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “देर आए, दुरुस्त आए. धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.” बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने शनिवार को छात्रों को उनके आंदोलन के ‘शांतिपूर्ण समापन’ के लिए बधाई दी.
दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों का आंदोलन समाप्त होने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, “मैं आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने के लिए सभी छात्रों की सराहना करता हूं और उन्हें बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि अब भारतीय शिक्षा जगत में जल्द ही शांति स्थापित होगी और युवाओं को अपने उज्ज्वल भविष्य व तरक्की के लिए भरपूर अवसर मिलेंगे.”
धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा दे दिया. केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हफ्तों तक चले आंदोलन की मुख्य मांग मान ली है. राष्ट्रीय राजधानी से यह आंदोलन देश के कई हिस्सों तक फैल गया था. इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उन्हें “गहरा दुख” पहुंचा है और यह मुद्दा “व्यक्तिगत प्रतिष्ठा” का विषय नहीं है.
छात्रों के प्रदर्शन को जोशी ने बताया था पीड़ादायक
आपको बता दें कि बीते दिनों जोशी ने छात्रों के प्रदर्शन को पीड़ादायी बताया था. मुरली मनोहर जोशी ने कहा था कि, "यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न भागों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं. उनकी चिंताएँ और सरोकार वास्तविक हैं. इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए."
जोशी ने कहा था कि, "मुझे पूरी आशा है कि इसे केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा जिससे बलपूर्वक निपटा जाये. मुझे य़ह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया. ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा."























