उत्तराखंड निकाय चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत, सीएम धामी के इस खास नारे का दिखा असर?
Uttarakhand Civic Election Results: उत्तराखंड नगर निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की. इस जीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका रही. माना जा रहा है इससे उनका सियासी कद बढ़ेगा.

Uttarakhand Nikay Chunav Results 2025: बीजेपी ने उत्तराखंड नगर निकाय चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया. 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से इसे प्रदेश की'सत्ता का सेमीफाइनल' माना जा रहा था, जिसे बीजेपी ने जीत लिया. निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी भूमिका अदा की, जहां उन्होंने पूरे चुनाव के दौरान प्रभावी नेतृत्व किया.
नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत को कई मायनों में खास माना जा रहा है. कुल 11 नगर निगमों के मेयर पद के चुनाव में से दस पर बीजेपी ने जीत हासिल की है. माना जा रहा है कि इससे राज्य में बीजेपी की सियासी पैठ मजबूत हुई है. इससे पहले उत्तराखंड के निकाय चुनाव में बीजेपी ने इतनी बड़ी जीत कभी नहीं हासिल की थी.
नगर पंचायतों में भी खिला कमल
नगर निगमों से इतर नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के 89 पदों के लिए भी चुनाव हुए थे. इनमें से 30 से ज्यादा जगहों पर बीजेपी के अध्यक्ष जीतकर आए हैं. निकायों में पार्षदों के चुनाव में भी बीजेपी का दबदबा कायम रहा है. दरअसल, नगर निकाय चुनाव में भले ही स्थानीय मुद्दे हावी रहते हों, लेकिन सरकार के कामकाज को स्थानीय चुनाव में जोरशोर से उठाया जा रहा था.
बीजेपी की बड़ी जीत का क्रेडिट काफी हद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी जाता है. उन्होंने अपने व्यस्त शेड्यूल के बीच चुनाव में खूब पसीना बहाया. चुनाव के दौरान प्रदेश के जिस निकाय में पार्टी संकट में आई, वहां पर बीजेपी संगठन की नजरें सबसे पहले सीएम धामी पर ही जाकर टिकीं.
सीएम ने दिया ट्रिपल इंजन का नारा
इसी दौरान यूसीसी, राष्ट्रीय खेल और दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी व्यस्त रहे, इसके बावजूद वह हर जगह पहुंचे और पार्टी प्रत्याशियों का उत्साह बढ़ाया. निकाय चुनाव में बंपर जीत से आगामी पंचायती चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं.
नगर निकाय चुनाव में बीजेपी के पक्ष में प्रचार करते समय सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मतदाताओं से खास अपील की. उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में बीजेपी को जिताकर विकास में ट्रिपल इंजन जोड़ दें. इसके लिए पहला इंजन उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और दूसरा इंजन प्रदेश सरकार को बताया. तीसरे इंजन के रूप में निकायों में बीजेपी के बोर्ड को चुनने की उन्होंने अपील की. इसका असर जमीनी स्तर पर देखने को मिला.
बीजेपी की जीत क्यों है खास?
- उत्तराखंड के 11 नगर निगमों में से दस में जीत हासिल किया.
- कुल 100 नगर निकायों में से 40 से ज्यादा सीटों पर बीजेपी जीती
- देहरादून नगर निगम में रिकॉर्ड वोटों से जीते बीजेपी प्रत्याशी.
- नगर निगम अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के पहले निकाय चुनाव में सफलता.
- हरिद्वार और कोटद्वार में पिछली हार का हिसाब बराबर.
- पिथौरागढ़ में हारी बाजी पलटी, 17 वोटों से जीतीं बीजेपी प्रत्याशी.
- तीर्थनगरी ऋषिकेश के प्रतिष्ठित चुनाव में जीत हासिल की.
- सीएम के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चारों निकायों में जीत.
- मसूरी नगर निकाय में पहली महिला अध्यक्ष की विजय.
- रूड़की नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने पहली बार लहराया जीत का परचम.
नगर निकाय चुनाव में यूं तो कई जगह अलग-अलग वजह से बीजेपी की जीत खास रही है, लेकिन दो नगर निगम में बीजेपी की जीत के अंतर ने सबका ध्यान खींचा. प्रदेश के सबसे बडे़ और पुराने नगर निगम देहरादून में बीजेपी प्रत्याशी सौरभ थपलियाल की जीत का अंतर 1 लाख 5 हजार से अधिक वोटों का रहा है, जो सर्वाधिक है. इसके विपरीत पिथौरागढ़ नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी कल्पना देवलाल सिर्फ 17 मतों से विजयी रही हैं.
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Source: IOCL























