Explained: 2017 से शुरू हुई आजम खान की मुश्किलें, साढ़े 5 साल में परिवार के 3 सदस्यों ने 77 महीने जेल में काटे
Azam Khan Update: योगी सरकार आने के बाद आजम खान पर एक के बाद के 104 मुकदमे दर्ज किए गए. आजम खान के अलावा उनकी पत्नी और दोनों बेटों के खिलाफ भी मुकदमें दर्ज हुए.

उत्तर प्रदेश में कभी समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान की तूती बोलती थी लेकिन साल 2017 के बाद उनके परिवार के बुरे दिन ऐसे शुरू हुए कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहे. प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद आजम खान पर कानूनी शिकंजा कसता चला गया.
योगी सरकार आने के बाद आजम खान पर एक के बाद के 104 मुकदमे दर्ज किए गए. जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की जांच से उनके खिलाफ 93 मुकदमे केवल रामपुर जिले में ही दर्ज किए गए. जिसके बाद आजम खान और उनके परिवार की कानूनी जद्दोजहद बढ़ती चली गई.
2017 के बाद परिवार पर कसा कानूनी शिकंजा
साल 2017 के बाद आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कुल 165 से ज्यादा मामले दर्ज हुए. इनमें आजम खान के खिलाफ 104, बड़े बेटे अदीब आजम के खिलाफ करीब 20, छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ लगभग 40 और पत्नी तंजीम फातिमा के खिलाफ करीब 30 मुकदमे दर्ज हुए.
आजम खान पर कितने केस
पूर्व मंत्री आजम खान पर कुल 104 मामले दर्ज किए गए, जिनमें राजस्व, जमीन हड़पने, दस्तावेजों में हेराफेरी, शत्रु संपत्ति पर कब्जा, चुनावी फर्जीवाड़ा समेत कई गंभीर आरोप शामिल हैं. इनमें से 80 मुकदमों पर सुनवाई जारी है. जिनमें से 59 मजिस्ट्रेट कोर्ट, 19 सेशन कोर्ट और 3 जिला अदालत के मामलों में फैसले आने बाकी हैं.
आजम खान को पहली बार 26 फरवरी 2020 को रामपुर की अदालत में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद वो 27 महीने मई 2022 तक जेल में रहे. अक्टूबर 2023 में एक नया मामला दर्ज होने के बाद आजम खान को जेल जाना पड़ा. इस बार हाईकोर्ट के आदेश पर 23 महीनों के बाद जेल से रिहा हुए हैं.
पत्नी तंजीम फातिमा और बेटों पर कितने केस?
आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा की बात की जाए तो उन पर करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें कई जमीन और विवादित मामलों के साथ-साथ अब्दुल्ला आजम के जन्म प्रमाण पत्र जालसाजी केस भी शामिल है. जबकि बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 40 मामले चल रहे हैं. जबकि बड़े बेटे अदीब आजम पर लगभग 20 मुकदमें दर्ज हैं.
आजम पर कितने केस का फैसला हुआ
आजम खान के खिलाफ दर्ज 104 केसों में से 12 मामलों में फैसला आ चुका है. इनमें से कुछ मामलों में उन्हें सजा मिली तो कई में बरी किया गया. बाकी 80 से ज्यादा मुकदमे विचाराधीन हैं. पत्नी तंजीम फातिमा को अक्टूबर 2023 में जेल जाना पड़ा था, लेकिन उन्हें मई 2024 में जमानत मिल गई थी.
आगे क्या हो सकता है?
आजम खान की रिहाई के बाद भी कानूनी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं हैं. कई मुकदमों में जल्द फैसले आने हैं, जिसके चलते उन्हें फिर से जेल जाना पड़ सकता है. राजनीतिक तौर पर वे भले ही सक्रिय रहें, लेकिन कानूनी लड़ाई लंबी चलने की उम्मीद है. 2027 यूपी विधानसभा चुनावों की राजनीति में उनकी वापसी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन पिछली कानूनी मुकदमों की छाया बनी रहेगी.






















